रांची : पूर्व सीएम रघुवर दास के कार्यकाल में हुए दो और बड़े आयोजन की जांच स्वतंत्र एजेंसी से होगी। सीएम हेमंत सोरेन अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी की मिल रही शिकायत के बाद यह निर्णय लिया है। इससे पहले मैनहर्ट घोटाला, कंबल घोटाला, ज्रेडा घोटाला, मोमेंटम झारखंड में हुई वित्तीय गड़बड़ी का ऑडिट कराने का भी आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्किल समिट -2018 और ग्लोबल स्किल समिट- 2019 में लोगों को दिए गए ऑफर लेटर और उनके नियोजन की अद्यतन स्थिति को लेकर खड़े किए गए कई गंभीर सवालों पर उठे विवाद की जांच एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने का निर्णय लिया है। इन दोनों स्किल समिट में कई तरह की अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप हैं। विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक प्रदीप यादव ने आरोप लगाया था कि जिन व्यक्तियों को ऑफर लेटर दिए गए और बाद में उनके नियोजन में भारी गड़बड़ी हुई। सरकार को इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करानी चाहिए। उसी आलोक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे को अत्यंत गंभीर मानते हुए स्वतंत्र जांच एजेंसी से इसकी जांच कराने का निर्णय लिया है।
इसे भी पढ़ें : पद्मश्री फकीर राजा की दास्तान सुन दरकता है दिल # Simon Oraon
- सीएम हेमंत सोरेन ने अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद लिया निर्णय
- मानसून सत्र में विधायक प्रदीप यादव ने जांच की उठाई थी मांग
- इससे पहले मैनहर्ट घोटाला, कंबल घोटाला, ज्रेडा घोटाला, मोमेंटम झारखंड का भी ऑडिट कराने दिया गया है आदेश
1 लाख 33 हज़ार 293 लोगों को दिया गया था ऑफर लेटर
स्किल समिट- 2018 में 26 हज़ार 674 लोगों को ऑफर लेटर दिया गया था। इसमें उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा 15 हज़ार 869, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 2713, शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा 3317, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 4418, खनन भूतत्व और उद्योग विभाग द्वारा 198 , पर्यटन, कला, संस्कृति खेल एवं युवा कार्य विभाग द्वारा 159 व्यक्तियों को ऑफर लेटर दिया गया था। ग्लोबल स्किल सम्मिट- 2019 में 1 लाख 6 हज़ार 619 लोगों को ऑफर लेटर मिला था। इनमें झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी द्वारा 44 हज़ार 693, उच्च शिक्षा द्वारा 12 हज़ार 101, तकनीकी शिक्षा द्वारा 5 हज़ार 963, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 12 हज़ार 451, शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा 14 हज़ार 892, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 10 हज़ार 965, उद्योग विभाग द्वारा 998 और कल्याण विभाग द्वारा 4 हज़ार 556 व्यक्तियों को जॉब ऑफर दिए गए थे।
इसे भी पढ़ें : प्यार, धोखा, भरोसे का खून… Tara के इश्क का अंजाम, मारा गया सेना का जवान (VIDEO)
इन दोनों स्किल समिट में दिए गए ऑफर लेटर के आलोक में नियोजन की अद्यतन स्थिति पर विधायक प्रदीप यादव के द्वारा अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, जिसकी जांच एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने का निर्णय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के द्वारा लिया गया है।






