Ranchi (Pawan Thakur) : उस रात फेसबुक पर आये एक फ्रेंड रिक्वेस्ट पर क्लिक करते ही मजबूत कंधे पर चमकते सितारे और बदन पर लिपटी वर्दी-मतलब पुलिस अधिकारी। वह चौंक गयी। झट से उसका प्रोफाइल खोला और एक ही सांस में सारा बायोडाटा खंगाल लिया। तब उसे खुशी कि रिक्वेस्ट भेजने वाला पुलिस अधिकारी उसके ही स्कूल का सहपाठी रहा है। रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर डाली। इस पुलिस अधिकारी का नाम है दीपक टोप्पो। वर्तमान में हजारीबाग पुलिस जिला बल में सार्जेंट के पद पर तैनात है। पर अपनी ओछी हरकत और करतूत के कारण फिलहाल सस्पेंड है। अगर कानून सम्मत कार्रवाई हुई, तो उसका जेल जाना भी तय है। उसे जेल पहुंचाने वाली होगी, उसकी ही सहपाठी सीमा (बदला हुआ नाम)। सीमा एक ऐसी अभागी, पढ़ी-लिखी लड़की है, जो फेसबुक पर आये पैगाम को सच मान उसके झांसे में आ गयी और अपनी अस्मत लुटा बैठी। सीमा ने खुलासा किया कि कैसे उस रात उसे वीडियो कॉल कर इमोशनली ब्लैकमेल किया गया। बकौल सीमा, उसे कभी चाहने वाला सार्जेंट दीपक टोप्पो कहता है-देखो आज मेरा बर्थडे है। पर तुझे याद नहीं। तुम नहीं आयी, तो अकेले मना रहा हूं अपना बर्थडे। ओ माइ गॉड-वाकई में आज तुम्हारा बर्थडे है? यकीन मानो, मुझे नहीं पता था, वर्ना सेलिब्रेट करने जरूर आती। पर आऊंगी जरूर, कल। ठीक ऐसा ही सीमा ने किया और अपने एक दोस्त से कहा-प्लीज मुझे हजारीबाग अपनी गाड़ी से पहुंचा दे। मैं अपने सबसे अजीज का बर्थडे मिस कर गयी हूं। दोस्त टाल न सका और सीमा को पहुंचा दिया सार्जेंट दीपक टोप्पो के सरकारी क्वार्टर तक। केक भी कटा, केन बियर खुला, खाना-पीना भी हुआ, पर नींद सी आ गयी सीमा को। जब जागी तो पता चला कि उसकी अस्मत लुट चुकी है।
उपरवाले को याद कर खूब रोई, तब दीपक ने उससे बस इतना कहा-आई लाइक यू। तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। तुम्हें अपने गले का हार बनाऊंगा। बहुत जल्द कोर्ट मैरेज कर लेंगे हम। पूरे समाज के सामने तुझे अपनाऊंगा। सीमा पहले से ही दीपक की हो चुकी थी। दिन था 5 सितंबर 2020. वह अगले दिन भी दीपक के साथ ही उसकी बांहों में गुजार दी। 7 सितंबर को दीपक खुद उसे छोड़ने रांची आया। सीमा को खोराटोली, कोकर के पास अपनी स्विफ्ट कार से उतार दिया। 14 अक्टूबर के दिन सीमा बड़ी खुश होकर दीपक से बोली कि वह उसके बच्चे की मां बनने वाली है। जवाब सुन सीमा का माथा ठनक गया। दीपक ने शादी करने से इंकार कर दिया। उसने रूठे दीपक को मनाने की पूरी कोशिश की। बार-बार एक ही बात बोलती, बोल दो न तुम झूठ बोल रहे हो। मजाक कर रहे हो। उसे तब करारा झटका लगा, जब दूसरे ही दीपक का फोन किसी और लड़की ने उठाया। वह लड़की बोली, मैं दीपक की पत्नी बोल रही हूं। बोलो क्या बात है। दीपक से बात कराने की जिद की तो उसे खरी-खोटी सुनाई गयी। सीमा एकदम बावली सी हो गयी। वह कभी अपनी, कभी अपनी मां की तो कभी अपने होने वाले बच्चे की दुहाई देते हुए दीपक के सामने गिड़गिड़ाती रही कि मेरी जिंदगी मत बर्बाद करो। तब उसे कहा गया कि ठीक है, 17 अक्टूबर को हमलोग कोर्ट मैरेज कर लेंगे।
सीमा अपनी मम्मी के साथ हजारीबाग कोर्ट पहुंच गयी। वहां से कई बार दीपक को फोन किया, पर वह छलिया आशिक नहीं आया। भारी मन से मां-बेटी घर लौट आयीं। अपने रिपोर्ताज के लिए पत्रकारिता जगत में अच्छी-खासी पहचान बनाने वाली सीमा उसी दिन यानी 17 अक्टूबर को रांची महिला थाना गयी। महिला थानेदार के दबाव पर सार्जेंट थाना आया। थाने में समझौता हुआ कि दोनों के घर वाले बैठने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सीमा से कहा गया कि तुम्हें जो उखाड़ना है, उखाड़ लो। मेरा कुछ नहीं बिगड़ने वाला। उसके बाद सीमा ने तत्कालीन डीजीपी एमवी राव और हजारीबाग के डीआईजी अमोल वेणुकांत होमकर को अपना दुखड़ा सुनाया। डीआईजी के निर्देश पर हजारीबाग सदर महिला की थानेदार सहित कई पुलिस रांची आयी और सीमा का बयान लेकर उसे हजारीबाग बुलाया गया। 22 अक्टूबर 2020 को सार्जेंट दीपक टोप्पो के खिलाफ महिला सदर थाना हजारीबाग में प्राथमिकी (कांड संख्या 20/2020) दर्ज कर ली गयी। हजारीबाग डीआईजी होमकर और एसपी एस कार्तिक ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया। बीते साल 1 दिसंबर को सार्जेंट दीपक टोप्पो ने हजारीबाग में सीमा के संग कोर्ट मैरेज किया।
मौके पर दीपक की ओर से उसके पिता लुइया टोप्पो, अंकल मिथिलेश मुंडा और सीमा की ओर से उसकी मम्मी, अंकल और भाई का दोस्त गवाह बने। सीमा का आरोप है कि मैरेज सर्टिफिकेट हाथ लगते ही दीपक का तेवर फिर से बदल गया। दीपक ने उससे कहा कि उसे जो हासिल करना था, वह सर्टिफिकेट उसने पा लिया है। कंपरमाइज पिटीशन पर उसका सिग्नेचर भी ले लिया है। अब तुम चाह कर भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इस तरह एक बार फिर से सीमा धोखा, दगा और फरेब की शिकार हो गयी। इस बात की जानकारी सीमा ने फिर हजारीबाग एसपी, डीएसपी और महिला थानेदार को दी। पुलिस अधिकारियों की पहल पर सार्जेंट दीपक ने उन्हें कहा कि वह 4 जनवरी से सीमा को साथ में रखेगा। ठीक उसी दिन सीमा उसके सरकारी क्वार्टर पहुंच गयी। वहां होमगार्ड का एक जवान मौजूद था। तब दीपक घर में नहीं था। उसे फोन किया गया। सीमा को पुलिस लाईन के पास झील किनारे बुलाया गया। सर्द रात में घनघोर अंधेरे में एक पेड़ के नीचे सीमा को देर रात तक बैठाये रखा गया।
उसे खूब डर लगा और महसूस हुआ कि उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है। तब उसने एक बार फिर एसपी एस कार्तिक को फोन कर सबकुछ बताया। एसपी ने तुरंत एक महिला डीएसपी को झील किनारे भेजा। डीएसपी सीमा को वहां से लेकर उपकार होटल आयी और रूम नंबर 108 में ठहराया गया। सीमा की हिफाजत के लिए एक महिला पुलिस को वहां छोड़ रखा गया था। झील किनारे दीपक ने कैसे डराया और हड़काया था, उसे याद कर वह कांप उठती थी। पर वह दीपक के वे शब्द आज भी नहीं भूल पायी जो एक कुटिल मुस्कान के साथ उसने कहा था। तेरा सिग्नेचर बेहद जरूरी था। तेरे एक सिग्नेचर से मेरी नौकरी बच गयी और हम जेल जाने से भी बच गये। अब तुम्हें जो करना है, कर लो। अब किसी भी हालत में तुझे नहीं अपनाऊंगा। मैं बंटी कच्छप को रखूंगा। सीमा ने कहा, उसने कई दफा बंटी को सार्जेंट दीपक के साथ देखा है। झील किनारे सार्जेंट दीपक ने डीएसपी मैम को एक और झूठी बात बतायी कि सीमा ने उसके खिलाफ 498-ए का केस किया है। सीमा का आरोप है कि दीपक की गर्ल फ्रेंड बंटी उसे बार-बार फोन कर केस उठाने की धमकी दे रही है। उसे मोबाइल नंबर 8789741789 से फोन किया जाता है। अब तो पत्रकार सीमा सिर्फ इतना कहती है, कि सर आपको क्या बताऊं। सार्जेंट दीपक टोप्पो इतना घटिया इंसान है कि आज तक मैंने अपने कैरियर में ऐसा इंसान नहीं देखा।
इधर मामले में DIG अमोल वेणुकांत होमकर ने कहा कि सार्जेंट दीपक टोप्पो को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ महिला थाना (सदर, हजारीबाग) में प्राथमिकी दर्ज है। शुरुआती दौर में जो बात सामने आई थी, उसपर फौरी कार्रवाई की गई। बाद में पीड़िता के ही कहने पर आरोपी को कुछ वक्त की मोहलत दी गई। दोनों का कोर्ट मैरेज भी हुआ। अचानक से नई बातें सामने आई है। उसपर तफ्तीश चल रही है। बहुत जल्द बेहतर परिणाम सामने आयेंगे और कानून सम्मत कार्रवाई की जायेगी।
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