नई दिल्ली : पीएम नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद आज संसद में भी तीनों नये कृषि कानूनों की वापसी की मुहर लग गई। विपक्ष कृषि कानूनों की बिल वापसी पर चर्चा की मांग कर रही थी, मगर सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा से तीनों कृषि कानून की वापसी का बिल पास हो गया। अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही तीनों कानून रद्द हो जाएंगे।
लोकसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही कृषि मंत्री तोमर ने कृषि कानून वापसी का बिल पेश किया। विपक्ष के हंगामे के बीच दोनों सदनों से तीनों कृषि कानून पास हो गया। इसके बाद कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने कानून वापसी पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष से कहा कि आप चर्चा चाहते हैं तो हम वो करवाने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी।
राज्यसभा से 12 सांसद निलंबित
मॉनसून सत्र में हंगामा करने के मामले में राज्यसभा से कांग्रेस, शिवसेना और टीएमसी समेत पांच पार्टियों के 12 सांसदों को शीतकालीन सत्र से सोमवार को निलंबित कर दिया गया। निलंबन का विपक्ष ने विरोध किया है। इस फैसले पर कई सांसदों ने आपत्ति जताई है। विपक्षी पार्टियों ने कल इस फैसले को लेकर एक बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जायेगी। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि निलंबन कर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की गई है। निलंबित सांसदों में CPM के एलाराम करीम, कांग्रेस के फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, आर बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, CPI सांसद बिनॉय विश्वम, TMC नेता डोला सेन, शांता छेत्री और शिवसेना के प्रियंका चतुर्वेदी व अनिल देसाई शामिल हैं।
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