- गुमला-सिमडेगा के कई थानों के 16 कांडों में था वांछित
- आत्मसमर्पण के समय एक भी हथियार नहीं किया जमा
गुमला : जिला मुख्यालय के पूर्वी भाग में पिछले डेढ़ दशक से आतंक का पर्याय रहे प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य संजय गोप उर्फ संजय टाईगर ने गुमला थाना में शनिवार को आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि गुमला-सिमडेगा के कई थानों में कुल 16 कांडों के अभियुक्त संजय टाईगर ने एक भी छोटा या बड़ा हथियार आत्मसमर्पण के समय जमा नहीं कराया। इधर आत्मसमर्पण के दूसरे दिन रविवार को एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल ने टाउन थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी।
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संवाददाता सम्मेलन में एसडीपीओ ने कहा कि डोंबाटोली, भोलू बगीचा के समीप 17 अगस्त 2020 को अजय गोप की हत्या में संजय गोप मुख्य आरोपी था। हत्या का मामला दर्ज करते ही इसके उद्भेदन के लिए गुमला पुलिस छापामारी दल गठन कर लगातार छापामारी अभियान चला रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार छापामारी के बाद गुमला एसपी के विश्वासपूर्ण माहौल की वजह से शनिवार को संजय गोप ने थाना में आत्मसमर्पण कर दिया।
संजय टाउन थाना क्षेत्र के केसीपारा का रहने वाला है। वहीं मामले के उद्भेदन में यह बात सामने आई कि अजय गोप हत्याकांड में संजय के साथ केसीपारा निवासी संजीव गोप और रकमसेरा निवासी छोटू सिंह भी शामिल थे। इस कांड में बचे अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। छापामारी दल में मुख्य रूप से इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी मनोज कुमार, पुअनि विमल कुमार, मो.शारिक अली, अमर पोद्दार, आशीष कुमार भगत, कृष्ण कुमार गुप्ता और गुमला थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
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