Gumla : बालू तस्करी के मसले पर विधानसभा में खूब हाय-तौबा मची थी। पक्ष-विपक्ष आमने सामने हुए। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाया। बाद में यही निष्कर्ष निकला कि इसी साल अप्रैल महीने से कुछ ऐसा इंतजाम होगा, ताकि गांव के गरीब गुरबों का भला हो। किसी का भला तो नहीं हुआ, पर अब भी बालू माफिया बेखौफ बालू की तस्करी कर रहे हैं। यह काम रात के अंधेरे में ज्यादा हो रहा है। बालू माफिया को स्थानीय पुलिस और नेता का पूरा सपोर्ट है। एक विधायक का नाम भी सामने आ रहा है। गुमला के कामडारा की कोयल नदी से रोज लाखों सीएफटी बालू की तस्करी की जा रही है। कोयल नदी से हर रोज एक हजार से ज्यादा गाड़ियां निकलती है। रोकने-टोकने वालों का कमीशन भी तय है। जिसे कमीशन नहीं मिल पाता, वह भयादोहन का खेल शुरू कर देता है। जंगल तक के लोगों को उनका कमीशन पहुंच जाता है। कोयल नदी से बालू तस्करी में तेली समाज के नेता उदासन नाग का नाम सबसे ज्यादा उछला। वहीं उदासन नाग कहते हैं कि उनपर बालू तस्करी का आरोप गलत है। वह अकेले नहीं, इस काम में गांव के कई लोग शामिल हैं। उनके पास अपनी बड़ी गाड़ियां भी नहीं हैं। आइए देखिए कैसे रात के अंधेरे में हो रही है बालू की तस्करी। रोकने-टोकने और धरने वाला कोई नहीं…
इसे भी पढ़ें : इनोवा के अंदर ही बना रखी थी तिजोरी, सोना-चांदी और कैश ढूंढ़ते रह गये अपराधी
इसे भी पढ़ें : देखिए, कैसे क्रिकेटर बनने की चाह में बन गया शार्प शूटर तौकिर










