Kohramlive : देशभर में पड़ रही प्रचंड गर्मी के बीच एयर कंडीशनर यानी AC लोगों के लिये सुकून पाने का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। घरों, दफ्तरों, दुकानों और अस्पतालों तक में AC का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो AC के उपयोग में छोटी सी लापरवाही भी शॉर्ट सर्किट, ब्लास्ट और आग लगने जैसी गंभीर घटनाओं को जन्म दे सकती है। हाल ही में देहरादून में AC ब्लास्ट और आग लगने की घटनाओं के बाद अग्निशमन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि गलत तरीके से AC चलाना, समय पर सर्विसिंग नहीं कराना और खराब वायरिंग का इस्तेमाल करना सबसे बड़ा जोखिम बनता जा रहा है।
24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर AC चलाना सबसे बेहतर
रांची में AC तकनीशियन के रूप में काम कर रहे इरशाद के मुताबिक कई लोग AC को 16 या 18 डिग्री तापमान पर लगातार घंटों तक चलाते रहते हैं। इससे मशीन के कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसके गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में शॉर्ट सर्किट या आग लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इरशाद के अनुसार AC को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस तापमान पर चलाना सबसे सुरक्षित माना जाता है। इससे बिजली की खपत भी कम होती है और मशीन की उम्र भी बढ़ती है।
मशीन को बीच-बीच में आराम देना जरूरी
तकनीकी जानकारों का कहना है कि AC को लगातार कई घंटों तक बिना बंद किये चलाना भी नुकसानदायक हो सकता है। लगातार उपयोग से इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स गर्म हो जाते हैं और स्पार्किंग की संभावना बढ़ जाती है। खासकर रातभर लगातार एसी चलाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कमरे के हिसाब से चुनें सही AC
विशेषज्ञों का कहना है कि कमरे के आकार के अनुसार सही क्षमता वाला एसी लगाना बेहद जरूरी है। कम क्षमता वाला AC ज्यादा दबाव में काम करता है, जबकि जरूरत से ज्यादा क्षमता वाला AC भी बिजली की खपत बढ़ाता है। दोनों ही स्थिति मशीन पर असर डाल सकती हैं।
सर्विसिंग में लापरवाही बन रही हादसों की वजह
गर्मी शुरू होने के साथ ही AC की सर्विसिंग बेहद जरूरी मानी जाती है। लंबे समय तक सफाई और मेंटेनेंस नहीं होने पर फिल्टर, कंडेंसर और कंप्रेसर में धूल जमा हो जाती है। इससे मशीन ज्यादा बिजली खींचती है और गर्म होने लगती है। समय पर सर्विसिंग नहीं होने पर गैस लीक, वायरिंग जलने और कंप्रेसर खराब होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
सस्ती वायरिंग और लोकल उपकरणों से बढ़ रहा खतरा
बिजली उपकरण विशेषज्ञ विनय ठाकुर के अनुसार AC के लिये हमेशा अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग और अलग MCB का इस्तेमाल होना चाहिये। लोकल वायर और सस्ते प्लग अधिक लोड सहन नहीं कर पाते, जिससे तार गर्म होकर जल सकते हैं। उन्होंने कहा कि AC की इंस्टॉलेशन हमेशा प्रशिक्षित तकनीशियन से ही करानी चाहिये।
बिजली आने के तुरंत बाद AC ऑन करना सही नहीं
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिजली कटने के बाद सप्लाई आने पर तुरंत एसी चालू नहीं करना चाहिये। अचानक हाई वोल्टेज आने से कंप्रेसर पर असर पड़ सकता है। ऐसे में बिजली आने के कम से कम 3 से 5 मिनट बाद एसी ऑन करना सुरक्षित माना जाता है।
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