Ranchi : नौकरी चले जाने के कारण बबलू महली की माली हालत बहुत खराब हो गई। उसे पैसे की दरकार थी। तब उसने अपने एक दोस्त सुमित उरांव के साथ मिलकर खतरनाक इरादा बना लिया। उसने अपने ही मकान मालिक के बेटे प्रीतम तिग्गा का किडनैप कर लिया। अपहृत प्रीतम के पिता रमेश तिग्गा को फोन कर बोला कि उसका बेटा उसके कब्जे में है। बतौर फिरौती 25 लाख रुपये की डिमांड कर दी। वहीं धमकी दे डाली कि अगर पुलिस के पास गये तो अंजाम बुरा होगा। प्रीतम के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है। वहीं मांडर कालेज के छात्र 19 साल के प्रीतम को चान्हो में रहनेवाले हरि महली के घर में छुपा कर रखा। प्रीतम को खूब टार्चर भी किया गया। उसे तीन दिनों तक खाने पीने तक नहीं दिया गया।
बिहार रेजीमेंट के रिटायर्ड फौजी प्रीतम के पिता
प्रीतम के पिता बिहार रेजीमेंट के रिटायर्ड फौजी हैं। इस कांड का मास्टर माइंड बबलू महली उनके ही घर में किरायेदार था। उसे इस बात का एहसास था कि रमेश तिग्गा के पास पैसा है, उससे फिरौती के तौर पर 25 लाख वसूल सकता है। किडनैप प्रीतम को सही सलामत खोज निकालने में रांची जिला मुख्यालय के डीएसपी प्रवीण कुमार सिंह की सराहनीय भूमिका रही। उनकी देखरेख में एक स्पेशल टीम में बनाई गई थी। मिले एक क्लू से डीएसपी किडनैपरों तक पहुंच गये और प्रीतम को मुक्त करा लिया। जवान लड़के प्रीतम को सही सलामत खोज निकालने वाले डीएसपी प्रवीण ने खूब वाहवाही बटोरी। प्रीतम का घर रांची के रातू थाना क्षेत्र में है। इस अपहरण कांड में शामिल बबलू महली, सुमित उरांव, अविनाश उरांव, पुनई उरांव और हरि महली को दबोच लिया गया। गिरफ्तार पांचों गुनाहगारों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
घटना को लेकर जो बातें अबतक सामने आई है, उसके अनुसार कालेज छात्र प्रीतम महली खेलने के इरादे से अपने घर से निकला था। फिर वह घर नहीं लौटा। तय समय पर जब वह घर नहीं लौटा तो उसे इधर-उधर बहुत खोजा गया, पर उसका कुछ पता नहीं चला। नाते रिश्तेदारों और हर संभावित ठिकानों पर झांका गया, पर कुछ पता नहीं चला। इसी बीच उन्हें अनजान नंबर से फोन आया। तब उनसे कहा गया कि उनके बेटे को किडनैप कर लिया गया है। रिहाई के बदले 25 लाख रुपये की डिमांड कर दी गई। इसके बाद प्रीतम के पिता रमेश तिग्गा ने बीते 23 अगस्त को रातू थाने में FIR दर्ज कराया।
बलू महली की चली गई थी नौकरी
यह बात रांची पुलिस कप्तान कौशल किशोर तक पहुंचाई गई। उन्होंने इसे काफी गंभीरता से लिया। मुख्यालय डीएसपी प्रवीण कुमार सिंह को यह जिम्मेवारी सौंपी कि किसी भी हालत में अपहृत छात्र को सही सलामत खोज निकाला जाये। तफ्तीश में जुटे डीएसपी को एक क्लू मिला। उन्हें पता चला कि रमेश तिग्गा के घर में बतौर किरायेदार रहनेवाले बबलू महली की नौकरी चली गई है। वह पेशे से ड्राइवर था। उसकी माली हालत बहुत खराब हो गई है। उसे पैसे की बहुत जरूरत थी। इसके बाद बबलू महली की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू हो गई। टेक्निकल सेल की भी इसमें मदद ली गई। जब शक यकीन में बदल गया तो पुलिस ने बबलू को उठा लिया। पूछताछ में वह टूट गया। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए पुलिस के सामने सबकुछ उगल दिया। इसके बाद गठित स्पेशल टीम चान्हो में रेड कर अपहृत प्रीतम को सही सलामत मुक्त करा लिया। वहीं इस कांड में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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