Ranchi : रांची(Ranchi) के तमाड़ में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क पर हाथ डाला, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली बताई जा रही हैं। तमाड़ थाना क्षेत्र के एक अधूरे भवन में छापेमारी कर पुलिस ने कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 159 अभ्यर्थी (7 महिलाएं शामिल) एवं 5 गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। छापेमारी के दौरान जो नजारा मिला, उसने सबको चौंका दिया। कमरों में बैठाकर अभ्यर्थियों को “संभावित सवाल-जवाब” रटवाये जा रहे थे।
प्रिंटर, तैयार प्रश्न सेट, फटे एडमिट कार्ड और संदिग्ध मोबाइल जब्त की गई है। बैंक चेक तक गैंग के पास जमा है। जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये लेकर पास कराने का वादा किया गया। कई ने अपना मोबाइल, एडमिट कार्ड तक सौंप दिया। इस संबंध में तमाड़ थाने में केस दर्ज किया गया है।
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Ranchi में पेपर लीक नहीं, फिर भी शक गहराया
इधर, JSSC के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, रांची के DC मंजूनाथ भजंत्री और सीनियर SP राकेश रंजन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि अब तक पेपर लीक का ठोस प्रमाण नहीं मिला है। 120 सवालों में केवल 4 सवाल मैच हुये, लेकिन साजिश की बू बहुत तेज है और जांच गहराई से जारी है। पूरे खेल का मास्टरमाइंड अतुल वत्स है। वह बिहार का रहनेवाला है। पहले भी कई बड़े एग्जाम घोटालों में उसका नाम उछलकर सामने आ चुका है, जैसे, राजस्थान क्लर्क भर्ती 2017, NEET पेपर लीक 2024, यूपी सिपाही भर्ती 2024 एवं बिहार CHO परीक्षा।
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प्रशासन ने साफ कर दिया कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगी, संगठित गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी एवं दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।












