Kohramlive : आज रक्षाबंधन है। इस साल रक्षाबंधन का पर्व बहुत शुभ रहने वाला है। आज भद्रा सुबह 10.58 मिनट से शुरू हो रही है और यह रात 09.01 मिनट तक है। ऐसे में भद्रा की समाप्ति के बाद राखी बांधना शुभ रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार 31 अगस्त को सुबह 07 बचकर 07 मिनट तक श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रहेगी। ऐसे में 31 अगस्त की सुबह 07 बजकर 07 मिनट से पहले राखी बांधी जा सकती है। भद्राकाल में राखी बांधने से भाई की उम्र कम होती है और भाई पर विपदा आती है। आज सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र और शनि ग्रह पंच महायोग बनाएंगे, जिससे राखी बांधने के शुभ फल में कई गुणा वृद्धि होगी।
क्या होती है भद्रा?
पौराणिक कथाओं के अनुसार भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं। भद्रा का स्वभाव क्रोधी है। जब भद्रा का जन्म हुआ तो वह जन्म लेने के फौरन बाद ही पूरे सृष्टि को अपना निवाला बनाने लगी थीं। इस तरह से भद्रा के कारण जहां भी शुभ और मांगलिक कार्य, यज्ञ और अनुष्ठान होते वहां विध्न आने लगता है। इस कारण से जब भद्रा लगती है तब किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूर्णिमा तिथि की शुरूआती आधा हिस्सा भद्रा काल होता है जिस कारण से रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया होने के कारण राखी नहीं बांधी जाती है।
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