Kohramlive: रेलवे कर्मचारियों को सरकार ने दिवाली पर बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने बोनस देने का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी है। इसके साथ ही रेलवे के 11। 27 लाख कर्मचारियों को 1,832 करोड़ रुपये का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाएगा। यह 78 दिनों का बोनस होगा और इसकी अधिकतम सीमा 17,951 रुपये होगी। इसके साथ ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए वन टाइम ग्रांट मंजूर किया गया है।
बता दें कि रेलवे ने पिछले साल अपने रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस दिया था। एक रेलवे कर्मचारी को 30 दिन के हिसाब से 7000 रुपए बोनस बनता है। ऐसे में 78 दिन का उस कर्मचारी को लगभग 17,951 रुपए बोनस मिलेगा।
Productivity linked bonus of Rs 1,832 crores will be given to 11.27 lakh employees of railways. It will be a bonus of 78 days and Rs 17,951 will be its maximum limit: Union Minister Anurag Thakur pic.twitter.com/lBu3GJj7w1
— ANI (@ANI) October 12, 2022
रेलवे कर्मचारियों का बड़ा रोल
यह बोनस प्रोडक्टिव लिंक्ड बोनस है जिसमें रेलवे कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 78 दिनों की सैलरी दी जाएगी। रेलवे कर्मचारि पैसेंजर और गुड्स सर्विस में बड़ा रोल निभाते हैं जिससे पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। रेलवे कर्मचारी दिन-रात अपने काम में लगे रहते हैं जिससे कि देस के किसी कोने में सप्लाई बाधित न हो। जरूरी कमॉडिटी की सप्लाई में इन कर्मचारियों का बहुत बड़ा रोल है। कोरोना काल में कर्मचारियों की मेहनत पूरे देश ने देखा है। उस दौरान खाद्य पदार्थ, कोयला, उर्वरक की सप्लाई निर्बाध बनाने में कर्मचारियों ने बड़ी भूमिका निभाई।
कर्मचारी को इतने मिलेंग रुपये
78 दिन के बोनस से सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये की जिम्मेदारी आएगी। एक अनुमान के मुताबिक रेलवे कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर 1,832। 09 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। पीएलबी के भुगतान के लिए निर्धारित वेतन गणना की सीमा 7,000 रुपये प्रति माह है। हर रेलवे कर्मचारी को 78 दिनों के लिए अधिकतम राशि 17,951 मिलेगी।
कैबिनेट के अहम फैसले
अनुराग ठाकुर ने कहा, लोगों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की महंगाई का असर नए पड़े इसके लिए 22 हजार करोड़ का ग्रांट भारतीय गैस कंपनियों को दिया गया है। गुजरात का दीनदयाल पोर्ट में पीपीपी मॉडल पर कंटेनर टर्मिनल बनाने और मल्टी पर्पज कारगो बनाने का निर्णय लिया गया है। मल्टी पर्पज कॉपरेटिव सोसाइटी के रजिस्ट्रेशन के लिए आसानी से करने और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए भी फैसला हुआ है।
पीएम डिवाइन योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत 6600 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। ये पूरी तरह से सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम है। लोगों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की महंगाई का असर न पड़े इसके लिए 22 हजार करोड़ का ग्रांट भारतीय गैस कंपनियों को दिया गया है। गुजरात का दीनदयाल पोर्ट में पीपीपी मॉडल पर कंटेनर टर्मिनल बनाने और मल्टी पर्पज कारगो बनाने का निर्णय लिया गया है।
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