गिरिडीह : बालमुकुंद आयरन फैक्ट्री में सुबह से ही धरने पर बैठे हैं लोग। यह प्रदर्शन फैक्ट्री के क्रेन Operator का शव फैक्ट्री के बाहर मिलने के विरोध हो रहा है। राजेश राय नामक ऑपरेटर के परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत फैक्ट्री के अंदर हुई और मुआवजा न देना पड़े, इसलिए प्रबंधन ने शव को बाहर फेंकवा दिया। मालूम हो कि 27 नवंबर की देर रात को क्रेन ऑपरेटर का शव फैक्ट्री से चार किलोमीटर की दूरी पर डीवीसी के पास मिला था। इसके बाद से ही फैक्ट्री प्रबंधन को लेकर लोगों का गुस्सा उबाल पर है।
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क्रेन Operator की पत्नी सहित परिजन बैठे धरने पर
क्रेन ऑपरेटन की उम्र 46 साल की थी और वह नगर थाना क्षेत्र के नगीना सिंह रोड में रहता था। फैक्ट्री के गेट के बाहर धरने पर बैठी पत्नी का कहना है कि पति की मौत फैक्ट्री के अंदर हुई है। मृतक के भाई का कहना है कि राजेश ड्यूटी के लिए रात नौ बजे घर से फैक्ट्री के लिए गए थे। कुछ देर राजेश के मोबाइल से ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर कहा कि उनकी मौत हो गई है।
पत्नी ने लगाया आरोप, प्रबंधन ने की लापरवाही
जबतक परिजन वहां पहुंचे, तबतक पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया था। मृतक की पत्नी का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही से राजेश की मौत हुई है। मुआवजा ना देना पड़े, इसलिए शव को बाहर फेंकवा कर सड़क हादसे की बात सामने रखी जा रही है। परिजनों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग की है।
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