कोडरमा : जेपी केंद्रीय कारागार में कैदी की मौत का मामला गरमाता जा रहा है। JP कारागार में आठ साल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की बीते छह नवंबर को मौत हो गई। इसके विरोध में कैदी के परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उन्होंने रविवार आठ नवंबर की सुबह कोडरमा के जयनगर थाना स्थित परसा रेलवे फाटक को जाम कर दिया। इसके बाद वहां गाड़ियों की कतार लग गई और लंबा जाम लग गया। मालगाड़ी के परिचालन पर इसका असर पड़ा। एसपी और डीसी के आश्वासन पर रेल चक्का जाम हटा दिया गया।
JP कारा में मौत को बताया लापरवाही
JP केंद्रीय कारागार में सजा काट रहे रामू उर्फ रामदेव पंडित की मौत 6 नवंबर को हो गई थी। मृतक के परिजनों का कहना है कि रामू की मौत हजारीबाग जेल प्रबंधन की लापरवाही से हुई है। मृतक की पत्नी संजू देवी ने बताया कि उनके पति आठ साल से हजारीबाग कारागार में आजीवन सजा काट रहे थे।
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छह नवंबर को जेल कारागार से दोपहर एक बजे एक फोन आया कि आपके पति शौचालय जाने के दौरान गिर जाने से घायल हो गए हैं, जिनको हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब 17 वर्षीय पुत्र दीपक पंडित अपने पिता से मिलने हजारीबाग पहुंचा तो देखा कि रामू का शव एंबुलेंस में रखा हुआ है। इसी दौरान अस्पताल प्रबंधन व जेल प्रबंधन द्वारा जबरन दीपक पंडित को डरा धमका कर शव को अपने घर ले जाने को कहा गया।
हत्या के मामले में सजा भुगत रहे थे रामू पंडित
रामदेव उर्फ रामू पंडित ने अपने भाई की पत्नी को पेड़ से कटहल तोड़ लेने के विवाद में कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
लगातार प्रदर्शन कर रहे परिजन
कैदी की मौत के मामले में परिजनों ने शनिवार सात नवंबर को परसाबाद-बाघमारा मुख्य मार्ग पर मुसौवा के पास धरना दिया था। इस दौरान परिजन और ग्रामीणों ने जेपी केंद्रीय कारागार हजारीबाग प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धरने में शामिल जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों को नौकरी देने और हजारीबाग जेल अधीक्षक पर हत्या का मामला दर्ज करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।
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