- 15 जनवरी तक सरकार को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
- इंट्री प्वाइंट पर ही सख्ती हो, दोषी अधिकारी पर कार्रवाई करें
रांची : झारखंड Highcourt ने फिर से जाहिर की नाराजगी। सरकार की गुटखा-पान मसाला प्रतिबंध नीति को बताया फेल। अदालत ने कहा कि प्रतिबंध के बाद भी पूरे राज्य में खुलेआम बिक रहे हैं गुटखा-पान मसाले। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार और फूड स्टैंडर्ड सेफ्टी ऑफ इंडिया( एफएसएसआई ) को प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया।
इस मामले में कोर्ट में एक जनहित याचिका पर हुई सुनवाई। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 15 जनवरी को निर्धारित करते हुए सरकार को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान राज्य के स्वास्थ्य सचिव भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में हाजिर थे।
अधिकारियों ने इच्छाशक्ति नहीं दिखाई
हाईकोर्ट ने कहा, लोगों के स्वास्थ्य को लेकर अच्छी नीति बनायी गयी, लेकिन अधिकारियों की इच्छा शक्ति की कमी के कारण यह नीति फेल हो गयी है। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने अभी भी खुलेआम गुटखा की बिक्री होने पर नाराजगी जतायी और कहा कि प्रतिबंध के बावजूद गुटखा राज्य में कैसे प्रवेश कर रहा है।
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गुटखा का इंट्री प्वाइंट पर ही बैन लगाना चाहिए और इंट्री प्वाइंट से प्रवेश करने पर दोषी अधिकारी और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रतिबंधित पान मसाले और गुटखा की बिक्री रोकने के लिए हाईकोर्ट किसी भी हद तक जाएगा, क्योंकि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।
Highcourt ने कहा, जागरुकता भी जरूरी है
सरकार के जवाब पर कोर्ट ने कहा कि सरकार के प्रयास को हम सिरे से नकार नहीं सकते, लेकिन इसे पर्याप्त भी नहीं माना जा सकता। सरकार को इसके लिए और प्रयास करने होंगे। कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक भी करना होगा। प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। सरकार लोगों को जागरूक करने के लिए झालसा की मदद ले सकती है। झालसा भी लोगों को जागरूक करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा।
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