किशनगंज : चोर को पकड़ने गए थानेदार मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए। ग्रामीणों ने घेरकर पीट-पीटकर मार डाला। किशनगंज के टाउन थानेदार अपनी टीम के साथ शनिवार अहले सुबह करीब 3 बजे शहर से 12 KM दूर प.बंगाल के पांजीपाड़ा थाना क्षेत्र पनतापाड़ा गांव में बाइक चोर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने गए थे। बंगाल में बिहार की पुलिस को देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान अन्य पुलिसकर्मी भाग निकले, मगर थानेदार को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और घेरकर पीट-पीटकर मार डाला।
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बंगाल के पंजीपाड़ा थाने के पनतापारा गांव में एक वॉन्टेड अपराधी छिपा था, जिसे पकड़ने बिहार के किशनगंज के थानेदार अश्वनी कुमार गए थे, लेकिन उन पर गांव वालों ने हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार-शनिवार रात 2 बजे के आसपास की ये घटना है। अपराधी की तलाश में रात में ही थानेदार अश्वनी कुमार बंगाल के स्थानीय थाने पहुंचे। वहां थाना प्रभारी ने कहा ओडीओ उनके साथ जाएगा। ओडीओ ने बोला कि आप जाइए, हम आते हैं। जिसके बाद अश्वनी कुमार अपनी टीम के साथ गांव पहुंच गए। इसके बाद गांव वालों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। बाकी पुलिसकर्मी तो भाग निकले, मगर थानेदार को ग्रामीणों ने लाठी, डंडे और पत्थर से पीट-पीटकर मार डाला।
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फिलहाल अश्वनी कुमार का शव बंगाल के इस्लामपुर अस्पताल में है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
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