Kohramlive Desk : आज के जमाने में फूड स्टाइल से कब्जियत होना स्वाभाविक है। इसी से पाइल्स और एनल फिशर की परेशानी पैदा होती है। ये गुदा से जुड़ा एक ऐसा रोग है, जिसे लोग अगर छुपाने की कोशिश करते हैं तब ये आगे चलकर बेहद खतरनाक हो जाता है। इसमें गुदा के बाहर या अंदर मस्से जैसी गांठ बन जाती है और मलत्याग (Excretion) के दौरान दर्द होता है या दर्द के साथ खून भी आता है। एनल फिशर (Anal Fissure) इसी पाइल्स का गंभीर रूप है। बिना सर्जरी इसका इलाज आप स्वयं कर सकते हैं। हालांकि इस मामले में डॉक्टर की सलाह ही सर्वोपरि है।
दूध के इस्तेमाल से होता है लाभ
बवासीर की दिक्कत अगर शुरूआती दौर में हैं तो इस दौरान दूध बेहद कारगर साबित होता है। आपको बस करना इतना है कि सोते समय एक गिलास गर्म दूध करके उसमें 1 चम्मच गाय का घी मिलाकर पी लें। ये कब्ज की दिक्कत में राहत देता है और शरीर में ज्यादा पित्त बनने में मदद करता है।सुबह एक 1 चम्मच गाय का घी खाली पेट गर्म पानी के साथ लेने पर कब्ज की दिक्कत नहीं होती है।
काली किशमिश से मिलेगा फाइबर
शरीर में फाइबर की कमी भी बवासीर जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। इस दौरान काली किशमिश फायदेमंद साबित होती है। काली किशमिश में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। किशमिश का सेवन जब भी करें, उसे भिगोना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसे सूखा खाने पर गैस्ट्रिक की समस्या होने का डर होता है।
आंवला और मेथी के बीज हैं बेहद गुणकारी
पेट और पाचन से जुड़ी समस्या में आंवला बेहद गुणकारी माना गया है। एक्सपर्ट का मानना है कि आंवले के सेवन या उसका पाउडर बनाकर लेने से कब्ज में फायदा मिलता है। मेथी के बीज भी पेट से जुड़ी दिक्कतों में असरदार साबित होते हैं। आपको करना बस इतना है कि 1 चम्मच मेथी के बीज रात भर भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट उसका सेवन करें। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे।
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