Bokaro (Parmeshwar Mandal) : देर रात सोये अवस्था में सांप के डंस लेने पर जवान लड़का विकास कुमार को बीजीएच (बोकारो जेनरल हॉस्पिटल) लाया गया। यहां यह बोलकर उसे भर्ती नहीं किया गया कि बेड खाली नहीं है। घरवाले मनुहार करते रहे कि फर्श में ही लेटा इलाज कर दीजिये, पर डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। फिर 19 साल के विकास को सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां केवल स्लाइन चढ़ा उसे फिर से बीजीएच रेफर कर दिया गया। दोबारा लाने पर भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। विकास की हालत बिगड़ती चली गई। उसकी सांस चल रही थी, अचानक दिल धड़कना बंद हो गया। उसने आंखें मूंद ली। अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। हॉस्पिटल के मेन गेट को जाम कर दिया गया। स्वास्थयकर्मियों को भी खूब भला-बुरा कहा गया। उन्हें खूब कोसा गया।
भाई का इल्जाम- दिखावे के लिए किया गया ईसीजी
मृतक विकास के भाई ने इल्जाम लगाया कि डॉक्टरों की अनदेखी और लापरवाही के कारण उसके जवान भाई की जान चली गई। बाद में जब खूब बवाल होने लगा तो दिखावे के लिये केवल ईसीजी किया गया। तबतक काफी देर हो चुकी थी। विकास के प्राण निकल चुके थे। बाद में कुछ लोगों ने झाड़-फूंक करने वाले को भी बुलाया। झाड़-फूंक कर उसे जिंदा करने की कोशिश की गई। जब खूब शोर-शराबा होने लगा तो मौके पर पुलिस पहुंच गई।
परिजनों को मिलेगा मुआवजा : इंस्पेक्टर
इंस्पेक्टर अजय प्रसाद ने लोगों को समझाया बुझाया कि चूंकि सांप काटने से जान गई है, इस वजह से उनके परिजनों को बतौर मुआवजा 4 लाख रुपये दिये जायेंगे। वहीं डॉक्टरों पर लगे इल्जाम की जांच की जायेगी। जांच के बाद कानून सम्मत कार्रवाई की जायेगी।
देर रात 2.30 बजे सांप ने उसके डंसा
बोकारो के हरला थाना क्षेत्र के बसंती मोड़ में रहनेवाले विशाल कुमार ने बताया कि बीती रात उसका भाई विकास उसके साथ ही सोया हुआ था। दोनों जमीन पर सोये थे। देर रात 2.30 बजे एक विषधारी सांप ने उसके भाई को डंस लिया। उसे तुरंत बीजीएच लाया गया, पर यहां भर्ती करने से साफ मना कर दिया। लोगों का कहना था कि बरसात के इस मौसम में घरों में सांपों का निकलना आम बात हो गई है। विकास के घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल था। सुनें क्या बोले भाई और पुलिस इंस्पेक्टर अजय प्रसाद…
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