रांची : स्थायीकरण, वेतनमान समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलित पारा शिक्षक सोमवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। पहले दिन राज्य के पांच जिलों गिरिडीह, रामगढ़, देवघर, लोहरदगा तथा पूर्वी सिंहभूम के पारा शिक्षक विधानसभा घेराव करने पहुंचे। पारा शिक्षकों का विधानसभा घेराव कार्यक्रम 19 मार्च तक चलेगा। हर दिन निर्धारित जिलों के पारा शिक्षक इसमें शामिल होंगे।
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विधानसभा का घेराव करने पहुंचे पारा शिक्षकों का कहना है कि हर बार सरकार से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है। जिसकी वजह से उन्हें अपना काम छोड़कर आंदोलन करना पड़ता है। आगे कहा कि सरकार अगर हमारी बात नहीं सुनती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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वहीं पारा शिक्षकों के आंदोलन पर शिक्षा विभाग की नजर है। शिक्षा विभाग ने पहले ही कोरोना काल में इस तरह के घेराव को अनुचित बताया है। विभाग ने ऐसे आंदोलन में शामिल होने वाले पारा शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का पहले ही आदेश दे दिया था। ऐसे में आंदोलन में शामिल होने वाले पारा शिक्षकों को वेतन काटा जाएगा। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को कम से कम छुट्टी लेने के लिए कहा गया था। ऐसे में अगर कोई शिक्षक बिना उचित कारण के स्कूल से गायब हुए हैं तो उनकी सैलरी काटी जाएगी।
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