Kohramlive : FASTag के नये नियम लागू हो गये हैं। जिनमें कुछ खास बदलाव किये गये हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों को कम करना और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। नये नियमों के तहत अगर FASTag में लो बैलेंस, पेमेंट में देरी, या FASTag ब्लैकलिस्ट हो जाता है, तो अतिरिक्त जुर्माना चुकाना पड़ सकता है।
नये नियम के अनुसार, यदि आपकी गाड़ी का FASTag 60 मिनट से ज्यादा समय तक निष्क्रिय रहता है और टोल पार करने के 10 मिनट बाद भी वह सक्रिय नहीं होता, तो उस लेन-देन को सिस्टम अस्वीकार कर देगा। इसे “एरर कोड 176” के रूप में रिजेक्ट किया जायेगा, यानी अगर FASTag समय पर एक्टिव नहीं होता, तो टोल पेमेंट नहीं हो पायेगा।नई गाइडलाइंस के मुताबिक, यदि टोल रीडर से गुजरने के बाद 15 मिनट से ज्यादा समय तक टोल पेमेंट किया जाता है, तो FASTag यूजर्स को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। वहीं, FASTag खाते में बैलेंस कम है, तो टोल ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराया जायेगा। पहले जहां यूजर्स टोल बूथ पर रिचार्ज कर सकते थे, अब नये नियम के तहत आपको पहले ही FASTag को रिचार्ज करना होगा। NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2024 में FASTag लेन-देन की संख्या 6 प्रतिशत बढ़कर 38.2 करोड़ हो गई, जो नवंबर में 35.9 करोड़ थी। इसके साथ ही, लेन-देन की वैल्यू भी 9 प्रतिशत बढ़कर 6,642 करोड़ रुपये हो गई, जो नवंबर में 6,070 करोड़ रुपये थी।
नये नियमों का असर
- FASTag ब्लैकलिस्ट होने पर, यदि आप इसे 60 मिनट के अंदर रिचार्ज करते हैं, तो आपका पेमेंट नॉमिनल चार्ज पर हो जायेगा।
- यदि आपका FASTag ब्लैकलिस्टेड होता है और आप टोल प्लाजा पर पहुंचने से पहले इसे रिचार्ज नहीं करते, तो दोगुना टोल वसूला जायेगा। वहीं, पेमेंट नहीं हो पायेगा।
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