पूर्णिया : चाहे इंसान कोई भी हो, वह अपनी जान से ज्यादा किसी एक को ही चाह सकता है। यह कर दिखाई उर्मिला देवी ने। थानेदार बेटे की मौत की खबर मिलते ही बेटे के साथ ओढ़ ली कफन। हार्ट पेशेंट होने की वजह से मां को बेटे की शहादत की खबर नहीं दी गई। मगर किसी से मां को खबर मिल ही गई। खबर सुनते ही मां बेहोश हो गई। चेहरे पर बार-बार पानी देने के बाद होश आया तो एक ही बात बोलती रहीं अब केना रहबे हो बाबू। और यह कहते-कहते उनकी भी सांसें थम गई।
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एक साथ मां-बेटे की अर्थी उठी तो पूरा गांव रो पड़ा। यह नजारा बिहार के पूर्णिया के पांचुमंडल टोला की है। शहीद अश्विनी कुमार को श्रद्धांजलि देने बिहार सरकार के पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि और बीजेपी विधान पार्षद दिलीप जायसवाल समेत कई लोग पहुंचे। साथ ही कई आलाधिकारी भी मौजूद रहे। परिजनों ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
यहां याद दिला दें कि बिहार के थानेदार अश्विनी कुमार बंगाल में मॉब लिंचिंग के शिकार हो गये थे। भीड़ में अकेला छोड़कर भागने वाले सात कायर पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उनपर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।
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