किशनगंज : मॉब लिंचिंग के शिकार किशनगंज टाउन थाना के SHO अश्विनी कुमार की मां का भी निधन हो गया। बेटे की मौत का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर पाई और उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। हार्ट की पेशेंट होने की वजह से मां को बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। मगर रविवार को कहीं से उन्हें इस बात की जानकारी मिल गई और सदमे में उनकी भी मौत हो गई। एक घर में दो लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। अब मां और बेटे की चिता एक साथ सजेगी। दोनों की पूर्णिया स्थित उनके घर से एक साथ अर्थी उठेगी।

यहां याद दिला दें कि चोर को पकड़ने गए थानेदार मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए थे। ग्रामीणों ने घेरकर पीट-पीटकर उन्हें मार डाला था। किशनगंज के टाउन थानेदार अपनी टीम के साथ शनिवार अहले सुबह करीब 3 बजे शहर से 12 KM दूर प.बंगाल के पांजीपाड़ा थाना क्षेत्र पनतापाड़ा गांव में बाइक चोर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने गए थे। बंगाल में बिहार की पुलिस को देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था। इस दौरान अन्य पुलिसकर्मी भाग निकले, मगर थानेदार को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और घेरकर पीट-पीटकर मार डाला था। मामले में उनके साथ गए अन्य 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मौके से भागने वाले पुलिसकर्मियों को बिहार पुलिस ने गद्दार माना है। किशनगंज SP कुमार आशीष ने बताया कि विभागीय मामला चलाकर सभी को कठोरतम सजा दी जाएगी।

परिजनों की सरकार से मांग
थानेदार अश्विनी कुमार हत्याकांड को लेकर ग्रामीणों एवं परिजनों ने पैतृक गांव में बैठक की है। बैठक में उन्होंने सरकार से हाईकोर्ट की निगरानी में हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग की। साथ ही हत्यारों की स्पीड ट्रायल कराकर सजा दिलाने की भी मांग की है। परिजनों और ग्रामीणों ने शहीद की पत्नी को सरकारी नौकरी और उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार से उठाने की भी मांग की है। लोगों का कहना है कि मांग पूरी होने के बाद ही अश्विनी कुमार का दाह-संस्कार किया जाएगा।







