Chaibasa : मोस्ट वांटेड भाकपा माओवादी कुलदीप उर्फ कुलदीप उर्फ कुलदीप गंडू उर्फ दुईल ने आज सरेंडर कर दिया। उसने कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा, सीआरपीएफ डीआईजी पुरन चंद, चाईबासा एसपी आशुतोष शेखर के सामने हथियार डाला। संगठन में कुलदीप का औदा एरिया कमांडर का था। वह भाकपा (माओ) नक्सली संगठन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी की टीम का सक्रिय और भरोसेमंद सदस्य रहा है। मारक दस्ता का सदस्य 24 साल का कुलदीप कोल्हान पोड़ाहाट के दुरुह सुदूर जगली, पहाड़ी इलाकों के चप्पे-चप्पे का जानकार है। उसके खिलाफ पुलिस फाइल में 7 संगीन मामले दर्ज हैं। कुलदीप काफी समय तक झारखंड-ओडिशा के सारंडा इलाके में सक्रिय रहा है।
हथियार डालने के बाद उसने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि संगठन में अब सबकुछ पहले जैसा नहीं। केवल लेवी का खेल होता है। वहीं, शोषण भी जमकर होता है। इसी बीच सरकार की सरेंडर पॉलिसी के बारे में पता चला। साथ ही सुनें कि चाईबासा एसपी बढ़िया साहेब हैं। उनसे बात-विचार कर सरेंडर करने का मन बनाया और आज हथियार डाल दिया।मौके पर एएसपी कपिल चौधरी, एसडीपीओ दिलीप खलखो, डीएसपी सुधीर कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी सीआरपीएफ के अधिकारी मौजूद थे।
इसे भी पढ़ें : खींच के ले जाता रहा आदमखोर, चिल्लाती रही मां… फिर क्या हुआ देखें
इसे भी पढ़ें : राजधानी में मा*री गई पूजा की ह*त्या में करीबी का हाथ, CDR ने खोला राज… देखें






