Patna : बिहार विधानसभा का मानसून सत्र इस बार विधायी फैसलों के लिहाज से काफी तेज रफ्तार नजर आया। पिछले दो दिनों में सरकार ने सदन से 20 विधेयक पारित करा लिये हैं। बुधवार को भी 13 महत्वपूर्ण विधेयकों को बहुमत के साथ मंजूरी मिल गई। इन विधेयकों में शिक्षा, पंचायती राज, उद्योग, विज्ञान एवं तकनीक, गृह, नगर विकास और श्रम जैसे कई अहम विभागों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन बदलावों से बिहार में शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक ढांचे में सुधार आयेगा।
सदन में मंत्रियों ने रखे विधेयक, चर्चा के बाद मिली मंजूरी
गृह विभाग से जुड़े विधेयक डिप्टी CM विजय कुमार चौधरी ने सदन में पेश किये, जबकि अन्य विभागों के मंत्रियों ने अपने-अपने विधेयक सदन पटल पर रखे। चर्चा के बाद सरकार ने बहुमत के आधार पर सभी विधेयकों को पारित करा लिया। पास हुये 13 विधेयक में बिहार नगर विकास विधेयक 2026, बिहार निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026, बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक 2026, बिहार पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026, बिहार दुकान और प्रतिष्ठा विधेयक 2026, भारतीय स्टांप बिहार संशोधन विधेयक 2026, निबंधन बिहार संशोधन विधेयक 2026, बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026, बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक 2026, बिहार अपराध नियंत्रण संशोधन विधेयक 2026, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2026, बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026, शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं सैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय विधेयक 2026 शामिल हैं।
उच्च शिक्षा में शोध और निजी विश्वविद्यालयों को बढ़ावा
उच्च शिक्षा से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयकों को सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बताया है। उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर ने कहा कि नये प्रावधानों से शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और बिहार में बेहतर उच्च शिक्षण संस्थानों के विकास का रास्ता खुलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के बड़ी संख्या में छात्र दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों में पढ़ने जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुये राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने के लिये संशोधन किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक के जरिये उच्च शिक्षा में कई नये बदलाव लागू होंगे। इन विश्वविद्यालयों में कुलाधिपति की भूमिका मुख्यमंत्री के पास होगी।
अब पंचायतों को मिलेगा टैक्स लेने का अधिकार
पंचायती राज संशोधन विधेयक को लेकर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायतों को टैक्स लेने का अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि टैक्स से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में ही किया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से पंचायतों के लिये बिहार को बड़ी वित्तीय सहायता मिली है।
निवेशकों को राहत, 30 दिनों में मंजूरी का प्रावधान
बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 को उद्योग क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है। इसके तहत निवेश प्रस्तावों को 30 दिनों के भीतर मंजूरी देने की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। वहीं नगर विकास विधेयक के जरिये शहरीकरण को गति देने, नये प्राधिकरण बनाने और नई टाउनशिप के विकास को बढ़ावा देने की तैयारी है। सरकार ने अपराध नियंत्रण संशोधन विधेयक 2026 और बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक 2026 भी पारित कराया है। सरकार का कहना है कि इन कानूनों के जरिये पुराने प्रावधानों में बदलाव किया गया है। नये प्रावधानों में अच्छे आचरण वाले कैदियों को परिहार (सजा में राहत) देने की व्यवस्था भी शामिल की गई है।
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