Kohramlive : किसी के खूंटे को डगमगाने और उखाड़ फेंकने का दमखम रखने वाली शाइस्ता परवीन आज घोर मुसीबत में है। लेडी डॉन के नाम से मशहूर शाइस्ता परवीन मोस्ट वांटेड बन गई है। यूपी सरकार ने उसपर पूरे 50 हजार रुपये के इनाम रखें हैं। बेटे के एनकाउंटर और पति-देवर की हत्या के बाद से पूरी तरह अंदर से टूट गई शाइस्ता परवीन की अनेकों किस्से हैं। शाइस्ता के किस्से को लेकर अब नई-नई कई कहानी सामने आने लगी है। यूपी पुलिस में कॉस्टेबल फारूख की बेटी शाइस्ता चार बहनों और दो भाईयों में सबसे बड़ी है। पढ़ी-लिखी शाइस्ता लंबे समय तक प्रतापगढ़ में रही। वो घर की सारी जिम्मेदारी संभालती और निभाने लगी थी। कहते हैं जब शाइस्ता 24 बरस की हुई तो उसके कॉस्टेबल पिता फारूख अपनी बिटिया का रिश्ता लेकर माफिया अतीक अहमद के घर गये। तब यूपी में अतीक का अपना एक अलग जलजला था। शाइस्ता की संघर्षमय जीवन गाथा जान-सुन अतीक को यह रिश्ता पसंद आ गया। शादी के बाद अतीक और शाइस्ता के कुल पांच बच्चे हुये। सबसे बड़ा बेटा उमर, अली, असद और दो नाबालिग बेटे। इसमें असद का एनकाउंटर हो गया है। वहीं उमर और अली जेल में बंद हैं। दोनों नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह में हैं। गृहिणी शाइस्ता परिवार संभालती रही। पति के बढ़ते जलजला और रूतबा ने उसे भी बदल डाला। पति और देवर अपराध जगत के बेताज बादशाह बन गये। शाइस्ता भी अतीक का पूरा साथ देती रही। साल 1972 में प्रयागराज के दामुपुर गांव में जन्मी शाइस्ता लेडी डॉन के नाम से मशहूर हो गई। साल 2014 में अतीक चुनाव हार गया। कई बड़े राजनेता उसके सिर से अपना हाथ खींच लिये। सरकार बदलते ही अतीक अहमद के बुरे दिन शुरू हो गये।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में अतीक ने जेल से ही फूलपुर लोकसभा का उपचुनाव लड़ा, पर हार गया। तब शाइस्ता परवीन अपने पति के चुनाव प्रचार-प्रसार में घर से बाहर निकली थी। बड़े बेटे उमर ने भी पूरा साथ दिया। बाद में बेटे पर अपहरण और एक बिल्डर की पिटाई करने का इल्जाम लगा। बेटा फरार हो गया। यूपी पुलिस ने उसके सिर इनाम रख दिया। कहते हैं कि 31 जुलाई 2022 को उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस वक्त वो लखनऊ जेल में बंद है। अतीक और अशरफ पहले से ही जेल में थे। उमर के जेल जाने के बाद अतीक का जलजला और रूतबा कम होने लगा। इसके बाद अतीक का पूरा परिवार राजनीति में इंट्री करने का मन बना लिया। दूसरा बेटा अली चुनाव लड़ने का मन बना रहा था, उसी दरम्यान उसपर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का इल्जाम लगा। अली फरार हुआ तो टिकट भी कट गया। फिलहाल अली नैनी सेंट्रल जेल में बंद है। शाइस्ता भी मेयर का चुनाव लड़ने की आस में राजनीति से जुड़ गई। इसी बीच उमेश पाल का मर्डर हो गया। शाइस्ता पर भी इल्जाम लगा। वो मोस्ट वांटेड हो गई। अब यूपी पुलिस उसे प्रयागराज से लेकर तमाम बड़े शहरों में खोज रही है। कभी गाड़ियों के काफिला के साथ चलने वाली शाइस्ता अब छुपी-छुपी भागी-भागी फिर रही है।
से भी पढ़ें : जोरदार बारिश का फायदा उठा सेना के ट्रक में फेंका गया ग्रेनेड, पांच शहीद
इसे भी पढ़ें :PLFI से ताल्लुकात रखने वाला दारोगा नौकरी से बर्खास्त…
इसे भी पढ़ें :11 DSP स्तर के अधिकारियों का Transfer, देखें लिस्ट
इसे भी पढ़ें :कहीं आपका अकाउंट तो नहीं, RBI ने रद्द किये 8 बैंकों के लाइसेंस
इसे भी पढ़ें :पलामू में बड़े गिरोह का पर्दाफाश, फिर भी इसे ढूंढ रही पुलिस… देखें
इसे भी पढ़ें :UP Weather Update : तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी, जानें अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम












