Kohramlive Desk : RBI ने 8 बैंकों पर कड़ी कार्रवाई की है। 8 को-ऑपरेटिव बैंकों का लाइसेंस को रद्द कर दिया है। नियमों का पालन नहीं करने पर इन बैंकों पर रिजर्व बैंक ने 114 बैंक पर पेनाल्टी भी लगाई है। प्रत्येक बैंकों पर 50 हजार से लेकर 5 लाख तक का जुर्माना लगाया है। जिन आठ बैंकों पर कार्रवाई की है, उसमें मुधोल सहकारी बैंक, मिथल सहकारी बैंक, श्री आनंद सहकारी बैंक, रुपया सहकारी बैंक, डेक्कन सहकारी बैंक, लक्ष्मी सहकारी बैंक, सेवा विकास सहकारी बैंक और बाबाजी दाते महिला शहरी बैंक शामिल हैं।
इन बैंकों का लाइसेंस रद्द करने के पीछे इनके पास पर्याप्त पूंजी की कमी, रेगुलेटर एक्ट के तहत कानूनी नियमों के पालन करने में विफलता और भविष्य में कमाई की संभावना के कमी के कारण ये फैसला लिया गया है। इससे पहले आरबीआई ने वित्त वर्ष 2022 में 12 बैंकों का लाइसेंस रद्द कर चुका था। वहीं 2021 के दौरान तीन बैंक और साल 2020 के दौरान दो सहकारी बैंकों को कारोबार बंद करने का आदेश दिया था।
ग्राहकों के पैसों का क्या होता है?
बैंक अगर जुर्माना लगाता है तो ग्रहकों के पैसे पर इसका असर नहीं होता है। बैंक में जमा उनकी पूंजी निकालने की अनुमति होती है। ये जुर्माने की राशि बैंक को ही देनी होती है। वहीं लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में बैंक के ग्राहक 5 लाख की जमा पूंजी बीमा के माध्यम से निकाल सकते हैं।
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