Ranchi : मध्य प्रदेश और राजस्थान से आई खबरों ने पूरे देश को हिला दिया है। कफ सिरप पीने से मासूम बच्चों की मौत वाली खबर सुनकर हर मां-बाप की रूह कांप गई। अब यही डर पूरे भारत में फैल गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट पर रखा है। लेकिन झारखंड के लिये फिलहाल राहत की बात यह है कि जिस सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ में जहर मिला है, उसकी सप्लाई राज्य में हुई ही नहीं। राज्य के औषधि निदेशालय ने जांचें तेज कर दी हैं, पर सच्चाई कुछ और कहती है। रांची की सरकारी लैब, जहां सिरप की जांच होनी चाहिये, वहां लाखों की मशीनें धूल खा रही हैं।
कारण? केमिकल नहीं हैं! छह महीने से लैब ठप पड़ी है। कहते हैं कि चार करोड़ लोगों का राज्य झारखंड में सिरप जांच की अपनी सुविधा नहीं है। जांच के लिये हर बार सैंपल को कोलकाता या दिल्ली भेजना पड़ता है। इस बीच दुकानों की शेल्फ पर वही दवाइयां चमकती रहती हैं, जिनमें भरोसे से ज्यादा खतरा छिपा होता है। इधर, गांव से लेकर शहर तक माताएं अब सिरप की हर बोतल को शक की निगाह से देख रही हैं।
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