Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के District Legal Services Authority के बैनर तले मंडल कारा गढ़वा में ‘जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर’ लगाया गया। यह आयोजन मनोज प्रसाद के निर्देश पर किया गया, जहां बंदियों को उनके अधिकारों, कानून और न्याय तक पहुंच की राह के बारे में विस्तार से बताया गया। शिविर में जेल में बंद लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कई बंदियों ने अपने मामलों से जुड़ी परेशानियां साझा कीं। अधिकारियों ने उन्हें कानूनी प्रक्रिया और समाधान के रास्ते समझाये। कार्यक्रम में मौजूद लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के प्रतिनिधियों ने बंदियों को बताया कि अगर वे निजी वकील रखने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता दी जायेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराता है, ताकि न्याय सबके लिये सुलभ हो सके। शिविर में बंदियों को ‘प्ली बारगेनिंग’ के प्रावधानों के बारे में भी बताया गया। इसके तहत आरोपी अपराध स्वीकार कर सजा में कमी का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अधिकारियों ने इसे न्याय प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने वाला महत्वपूर्ण विकल्प बताया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बंदियों को समझाया कि जेल का मकसद केवल दंड देना नहीं, बल्कि व्यक्ति को सुधार कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना भी है। उन्होंने बंदियों से अपील की कि भविष्य में अपराध से दूर रहकर एक नई और बेहतर जिंदगी की शुरुआत करें। इस अवसर पर मंडल कारा के जेलर, जेल कर्मचारी और बड़ी संख्या में बंदी मौजूद रहे।
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