रांची : “भारतीय विज्ञान का इतिहास” पर हुई संगोष्ठी। आरयू के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के सभागार में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता रांची के वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय ने की। संगोष्ठी का आयोजन आरयू की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और विज्ञान भारती ने कराया।
भारतीय विज्ञान की चर्चा दुनिया में होती रही है : वीसी
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री जयंत राव सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि भारतीय विज्ञान की परंपरा उज्ज्वल और अनुकरणीय रही है। पीएम आत्मनिर्भता पर विशेष जोर दे रहे हैं और विज्ञान के क्षेत्र में अपना देश अग्रणी बने इसपर कार्य तेजी से चल रहा है। कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि भारतीय विज्ञान की चर्चा दुनिया में होती रही है और शून्य का आविष्कार भारत की देन है।
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इनका रहा योगदान
अतिथियों का स्वागत आरयू के प्रतिकुलपति डॉ कामिनी कुमार ने किया। संगोष्ठी में उपेंद्र रॉय, डॉ सतीश, डॉ हरिओम पाण्डेय, डॉ सीएसपी लुगुन, डॉ संजय कुमार डे, डॉ एके झा, डॉ लतिका प्रसाद सहित अन्य की उपस्थिति रही। संचालन एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन विज्ञान भारती के डॉ अशोक सिंह ने किया। संगोष्ठी को सफल बनाने में एनएसएस के दिवाकर, सुमित, राहुल, दीपा, स्मृति, नेहा, दिव्यांशु, संकेत, पवन आदि का योगदान रहा।
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