RANCHI (Pawan/Rajesh ): PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप और अंदर बाहर सक्रिय गैंगस्टरों के पनाहगार, मददगार और गुर्गों की लिस्ट पूरे जोर शोर से तैयार की जा रही है। राज्य के पुलिस मुखिया यानी डीजीपी नीरज सिन्हा इन्हें तहत नहस और नेस्ताबूद कर लेने को ठान ली है। इसके लिए पूरा खाका खींच योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की अलग-अलग विंग को अलग-अलग जिम्मेवारी सौंपी गई है। संभवत: इसी का नतीजा है कि गुजरे 4 दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रांची पुलिस ने सुप्रीमो दिनेश गोप के अर्थतंत्र को गहरा झटका दिया है। रांची पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा, रूरल एसपी मो. नौशाद आलम और सिटी एसपी सौरभ की देखरेख में कुल 9 लोग पकड़ गये। इनके पास से क्रमश: 3 लाख 50 हजार, फिर 61 लाख 31 हजार 5 सौ और फिर 12 लाख 21 हजार 710 रुपये नगद मिले। मतलब अबतक लगभग 76 लाख रुपये बरामद कर रांची पुलिस ने पीएलएफआई को तीखी चोट दी है। वहीं उम्दा किस्म के हथियार, जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, विभिन्न कंपनियों के बहुत सारे सीम सहित कई सारे सामान मिले। पुलिस तक हक्का-बक्का रह गई, जब इनके मोबाइल फोन में कैद एक से बढ़कर एक विदेशी हथियारों की तस्वीरें पाई। मिले साक्ष्य, सबूत और तथ्यों के आधार पर पुलिस का दावा है कि उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का इंटर स्टेट आर्म्स सप्लायर गैंग से गहरा ताल्लुकात है। पुलिस इस बिंदु पर आगे की कार्रवाई कर रही है। हथियार का एक फोटो ऐसा भी मिला है, जिसका इस्तेमाल पाक के आतंकी भी किया करते हैं।
अत्याधुनिक हथियारों की फोटो ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। अबतक पकड़े गये लोगों में निवेश कुमार, शुभम पोद्दार, ध्रुव कुमार सिंह, अमीर चन्द, आर्या कुमार सिंह, उज्जवल कुमार उर्फ लिपु, प्रवीण कुमार और सुभाष पोद्दार उर्फ सुभाष पासवान शामिल है। वहीं दिनेश गोप का मजबूत हाथ निवेश कुमार की प्रेमिका अंजली उर्फ लिली को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। वह दिल्ली में पकड़ी गई। उसने भी कई अहम राज उगले हैं। पूरे अभियान में पुलिस तब दंग रह गई, जब यह पाया कि हथियारों की तस्करी और सुप्रीमो दिनेश गोप तक जरूरी सामान पहुंचाने में कीमती और लग्जरी गाड़ी बीएमडब्लू और थार जैसी वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। रांची पुलिस के पास एक ऐसा तुरुप का पत्ता हाथ लग गया है, जिसके जरिये पुलिस बहुत जल्द कुछ चौंकानेवाला काम कर दिखा सकती है। अबतक कि कार्रवाई में साइबर सेल की डीएसपी यशोधरा कुमारी, नामकुम के थानेदार सुनील तिवारी और धुर्वा के थानेदार प्रवीण कुमार की सराहनीय भूमिका रही। निवेश और उसके दो साथियों को बक्सर में पकड़ा गया। ये तीनों दिल्ली से यूपी होते हुये बिहार में घुसा था। तीनों एमजी हेक्टर कार WB-02-AP-2754 से कहीं भागने की फिराक में थे।
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