Rajasthan : अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद बवाल हो गया। परिजनों और स्थानीय नेताओं ने मामले को खूब तूल दिया। स्थानीय नेताओं के दबाव में इलाज करने वाली महिला डॉक्टर अर्चना शर्मा पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। अस्पताल के बाहर नेताओं के धरना और विरोध से महिला डॉक्टर पहले ही परेशान थी, वही मामला दर्ज होने के बाद वह और परेशान हो गई। इस घटना से इतना आहत हुई कि खुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर सुनीत उपाध्याय का कहना है कि 22 साल की महिला आशा बैरवा प्रसव के लिए अस्पताल आई थी। मगर पहले से ही ज़्यादा ब्लीडिंग होने की वजह से उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर को बेवजह फंसाया गया।
इधर महिला डॉक्टर के सुसाइड के बाद डॉक्टरों ने विरोध शुरू कर दिया है। आज सभी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। यह घटना राजस्थान के दौसा विधानसभा क्षेत्र के लालसोट इलाके की है। डॉक्टर के सुसाइड से नाराज आईएमए ने राज्य के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में हड़ताल का ऐलान किया है। आईएमए के सचिव जगदीश जोशी ने कहा कि इमरजेंसी छोड़कर सभी सेवाएं बंद रहेंगे। आईएमए का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अगर अस्पताल में मौत हुई है तो इलाज में लापरवाही की धारा 304 लगाकर और कमेटी बनाकर जांच कर सकते हैं। आईएमए ने कहा कि यहां तो राजनैतिक पार्टी के दबाव में अस्पताल के पूरे स्टाफ के खिलाफ 302 का मामला दर्ज कर लिया गया।
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