Kohramlive : भागदौड़ भरी जिंदगी, घंटों ऑफिस में बैठकर काम और धूप से लगातार बढ़ती दूरी, आधुनिक जीवनशैली ने एक ऐसी समस्या को जन्म दिया है, जो चुपचाप लाखों लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है, विटामिन-D की कमी। इसे ‘सनशाइन विटामिन’ कहा जाता है क्योंकि इसका सबसे बड़ा स्रोत सूर्य की रोशनी है। लेकिन जब धूप ही न मिले तो शरीर धीरे-धीरे इसकी कमी महसूस करने लगता है। नतीजा सामने आता है, हर समय थकान, मांसपेशियों में दर्द, हड्डियों की कमजोरी और इम्युनिटी में गिरावट। अच्छी बात यह है कि कुछ सामान्य खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल कर आप विटामिन-D की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं। विटामिन-D की कमी आज की जीवनशैली से जुड़ी आम समस्या बन चुकी है, लेकिन थोड़ी जागरूकता और सही खानपान से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। दूध, अंडा, मशरूम, मछली और फोर्टिफाइड फूड्स को अपनी थाली का हिस्सा बनाकर आप शरीर को मजबूत, सक्रिय और स्वस्थ रख सकते हैं।
गाय का दूध: हर घर में मौजूद सेहत का खजाना
सुबह की चाय हो या रात का एक गिलास दूध, भारतीय रसोई में दूध की खास जगह है। गाय का दूध केवल कैल्शियम ही नहीं, बल्कि विटामिन-D का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। नियमित रूप से दूध पीने से हड्डियों और दांतों को मजबूती मिलती है। विशेषकर शाकाहारी लोगों के लिये यह पोषण का आसान और सुलभ विकल्प है। इससे हड्डियां मजबूत रहेंगी, दांत स्वस्थ रहेंगे, कैल्शियम का अवशोषण बेहतर होगा।
अंडे का पीला हिस्सा: असली ताकत यहीं छिपी है
कई लोग फिटनेस के चक्कर में केवल अंडे का सफेद हिस्सा खाते हैं और पीले भाग को हटा देते हैं। लेकिन पोषण विशेषज्ञों के अनुसार अंडे के पीले हिस्से में विटामिन-D और हेल्दी फैट्स की अच्छी मात्रा होती है। यदि आप अंडा खाते हैं तो रोजाना एक उबला अंडा शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इससे इम्युनिटी मजबूत होगी, शरीर को ऊर्जा मिलेगी, विटामिन-D की पूर्ति में मदद मिलेगी।
मशरूम: शाकाहारियों के लिये बेहतरीन विकल्प
जो लोग पूरी तरह शाकाहारी हैं, उनके लिये मशरूम किसी वरदान से कम नहीं। मशरूम उन चुनिंदा खाद्य पदार्थों में शामिल है जिनमें प्राकृतिक रूप से विटामिन-D पाया जाता है। खास बात यह है कि धूप के संपर्क में आने पर मशरूम में विटामिन-D की मात्रा और बढ़ सकती है। इसे सब्जी के रूप में, सूप में एवं सलाद के साथ खा सकते हैं। हफ्ते में 2-3 बार इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है।
फैटी फिश: विटामिन-D का पावरहाउस
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं तो कुछ मछलियां विटामिन-D की जरूरत पूरी करने में बेहद मददगार हो सकती हैं। विशेष रूप से Salmon, Tuna, Mackerel इनमें विटामिन-D के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है। इससे दिल स्वस्थ रहेगा, दिमाग की कार्यक्षमता बेहतर होगी, विटामिन-D की कमी दूर होगी।
फोर्टिफाइड फूड्स: आधुनिक पोषण का स्मार्ट तरीका
आजकल बाजार में कई ऐसे खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं जिनमें अतिरिक्त विटामिन-D मिलाया जाता है। जैसे: फोर्टिफाइड ओट्स, कॉर्नफ्लेक्स, सोया मिल्क, संतरे का जूस। नाश्ते में इनका सेवन शरीर की दैनिक जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है। वहीं इसे खरीदते समय पैकेट पर लिखे न्यूट्रिशन लेबल को जरूर पढ़ें और यह सुनिश्चित करें कि उसमें विटामिन-D शामिल हो।
केवल खानपान ही नहीं, थोड़ी धूप भी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार यदि संभव हो तो सुबह की हल्की धूप में 15-30 मिनट बिताना भी फायदेमंद हो सकता है। भोजन और धूप दोनों मिलकर शरीर में विटामिन-D के स्तर को बेहतर बनाये रखने में मदद करते हैं।
कब करायें जांच?
यदि आपको लगातार थकान महसूस होती है, बदन दर्द बना रहता है, मांसपेशियों में कमजोरी रहती है, बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन-D की जांच कराना उचित हो सकता है।
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