UP : कभी-कभी प्यार की कीमत इतनी भारी पड़ जाती है कि जिंदगी का पूरा सफर कुछ ही महीनों में खत्म हो जाता है। सहारनपुर में एक ऐसी ही दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस भर्ती परीक्षा देकर लौट रही पत्नी की आंखों के सामने उसके पति को गोली मार दी गई। कुछ सेकंड में हंसता-खेलता परिवार बर्बाद हो गया। लगभग 26 साल के शिवकुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के लिये रामपुर मनिहारान स्थित परीक्षा केंद्र लेकर आया था।
रास्ते में बरसी मौत
परीक्षा समाप्त होने के बाद शिवकुमार अपनी पत्नी आकांक्षा और मामा के बेटे शुभम के साथ किराये की स्कॉर्पियो से शामली लौट रहा था। परीक्षा केंद्र से करीब 500 मीटर दूर दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर शहरी पुल के पास वाहनों की भीड़ लगी हुई थी। उनकी कार के आगे एक ई-रिक्शा खड़ा था। तभी बाइक पर सवार कुछ युवक वहां पहुंचे। खबर है कि हमलावर कार के बिल्कुल नजदीक आया और शीशे से सटाकर गोली चला दी। गोली सीधे शिवकुमार के सिर में लगी। कार के अंदर चीख-पुकार मच गई और शिवकुमार खून से लथपथ होकर सीट पर ही गिर पड़ा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
चार महीने पहले प्रेम विवाह
मृतक की पत्नी आकांक्षा ने पुलिस को बताया कि दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और करीब चार महीने पहले उन्होंने प्रेम विवाह किया था। आकांक्षा का इल्जाम है कि परिवार इस रिश्ते से खुश नहीं था। विवाह के बाद से लगातार विरोध और धमकियां मिल रही थीं। उसने अपने सगे भाई मंजीत समेत कई लोगों पर पति की हत्या कराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के पिता सलेखचंद के बयान पर आकांक्षा के दो भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
‘अगर पुलिस सुन लेती तो बेटा जिंदा होता’
घटना के बाद परिजनों का दर्द गुस्से में बदल गया। परिवार का आरोप है कि प्रेम विवाह के बाद से लड़की पक्ष की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही थीं और इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई थी। मृतक के चचेरे भाई मोनू का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शिवकुमार की जान बच सकती थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस संबंध में पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
परचून की दुकान चलाते हैं पिता
शिवकुमार के पिता सलेखचंद गांव में परचून की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार वालों के अनुसार शिवकुमार भी पहले पिता के काम में हाथ बंटाता था। प्रेम विवाह के बाद वह पत्नी के साथ शामली में किराये के मकान में रहने लगा था और अपने नये जीवन की शुरुआत कर रहा था। लेकिन चार महीने में ही उसकी जिंदगी का दर्दनाक अंत हो गया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि प्रेम विवाह के बाद आकांक्षा का परिवार भी गांव छोड़कर कहीं और रहने लगा था। दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था और संपर्क लगभग समाप्त हो गया था। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल है। लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
प्रेम विवाह और रिश्तों की कड़वी सच्चाई
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल भी है। बदलते दौर में युवा अपने जीवनसाथी का चुनाव करना चाहते हैं, लेकिन कई बार परिवार, सामाजिक दबाव और तथाकथित प्रतिष्ठा के नाम पर रिश्ते दुश्मनी में बदल जाते हैं। सहारनपुर की यह घटना एक बार फिर बताती है कि प्रेम विवाह को लेकर समाज के कुछ हिस्सों में आज भी स्वीकार्यता की कमी है, जिसका खामियाजा कई बार निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।
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