Kohramlive : डिजिटल लेन-देन का बढ़ता इस्तेमाल खतरनाक भी है। साइबर क्रिमिनल इसके भरपूर फायदे उठा रहे हैं। साइबर अपराधियों ने एक नया तरीका अपनाया है, जिसके जरिये ठग UPI यूजर्स के बैंक खातों को खाली कर रहे हैं। इस स्कैम का नाम है जम्प्ड डिपॉजिट स्कैम। कहते हैं कि यह धोखाधड़ी इतनी चालाकी से होती है कि शिकार को इस बात का पता ही नहीं चलता कि उसके पैसे कब और कैसे गायब हो गये। इस स्कैम का तरीका, इसके काम करने का तरीका, और इससे बचने के उपाय पर गौर करके ही इस ठगी से बचा जा सकता है। इसमें ठग पहले आपके बैंक खाते में UPI के जरिये एक छोटी राशि जमा करते हैं, खाते में राशि के क्रेडिट होते ही सहसा आप अपना अकाउंट चेक करेंगे कि यह पैसा कहां से आया है? UPI ऐप खोलकर बैलेंस चेक करने के लिये जैसे ही आप अपना UPI पिन डालते हैं, उसी समय ठग बड़े ट्रांजैक्शन की रिक्वेस्ट भेज चुके होते हैं। आपका पिन डालते ही ट्रांजेक्शन की यह रिक्वेस्ट अप्रूव हो जाती है, और आपके खाते से बड़ी रकम निकल जाती है। इस ठगी से बचने का एक बेहतर उपाय यह है कि अगर आपके खाते में कोई अनजान राशि जमा होती है, तो तुरंत बैलेंस चेक करने से बचें। कम से कम 15-30 मिनट तक इंतजार करें, क्योंकि ठग द्वारा की गई ट्रांजैक्शन की रिक्वेस्ट कुछ समय बाद अपने आप समाप्त हो जाती है। वहीं, दूसरा उपाय यह है कि आप जानबूझकर गलत पिन डालें, इससे ट्रांजैक्शन की रिक्वेस्ट फेल हो जायेगी, और आपका पैसा सुरक्षित रहेगा।
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