Kohramlive : कभी-कभी आस्था और अंधविश्वास के बीच की रेखा इतनी धुंधली हो जाती है कि इंसान को पता ही नहीं चलता कि वह कब किसी के जाल में फंस गया। महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई एक कहानी ऐसी ही है, जिसने पुलिस को हैरान कर दिया। यह कहानी एक ऐसे शख्स की है, जिसने खुद को भगवान बताकर लोगों का विश्वास जीता। फिर उसी विश्वास को हथियार बनाकर एक महिला और उसके परिवार की जिंदगी को अपने कब्जे में ले लिया।
जब ‘चमत्कार’ के नाम पर शुरू हुआ धोखे का खेल
पुलिस ने मीडिया के सामने खुलासा किया कि आरोपी राधामोहन मिश्रा ने वर्षों तक अपने अनुयायियों के बीच ऐसी छवि बनाई कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं। वह लोगों के मन की बात जान सकता है, भविष्य देख सकता है और उनके जीवन की परेशानियां दूर कर सकता है। धीरे-धीरे लोग उस पर भरोसा करने लगे। इसी भरोसे ने एक परिवार को भी उसकी ओर खींच लिया। देखते ही देखते यह जुड़ाव दो दशक से ज्यादा लंबा हो गया। इल्जाम है कि मिश्रा ने ‘मॉडर्न गुरुकुल’ का सपना दिखाकर परिवार के बच्चों को अपने आश्रम में रखने के लिये राजी किया। बच्चे दिन में स्कूल और कॉलेज जाते थे, लेकिन आश्रम में रहते थे। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान वहां मानसिक और शारीरिक शोषण का सिलसिला चलता रहा। परिवार को यह अहसास तक नहीं हुआ कि जिस जगह को वे संस्कार और शिक्षा का केंद्र समझ रहे हैं, वहां उनके भरोसे का इस्तेमाल किया जा रहा है।
महिला को परिवार से किया अलग, फिर बढ़ता गया प्रभाव
जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता महिला को धीरे-धीरे उसके अपने परिवार से दूर कर दिया गया। उसे इस तरह प्रभावित किया गया कि वह आरोपी की बातों को ही अंतिम सत्य मानने लगी। पुलिस का कहना है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर महिला के साथ लंबे समय तक यौन शोषण, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। बीते 16 जून को दर्ज शिकायत के बाद जब पुलिस ने मामले की तह तक जाना शुरू किया तो कई चौंकाने वाले आरोप सामने आये। FIR के अनुसार, महिला को लंबे समय तक अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं। शिकायत में कहा गया है कि उसे प्रताड़ित किया गया और उसके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया। इन आरोपों ने जांच अधिकारियों तक को झकझोर कर रख दिया।
आश्रम में छापा, लैपटॉप से लेकर नकदी तक बरामद
शिकायत के बाद पुलिस ने पुणे के खराडी इलाके में स्थित आश्रम पर छापा मारा। तलाशी के दौरान आठ लैपटॉप, 19 हार्ड डिस्क, 10 डीवीडी, नौ मोबाइल फोन, 20 कैसेट और 23 पेन ड्राइव बरामद किये गये। वहीं, करीब साढ़े छह लाख रुपये नकद और 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी मिले। आश्रम से भारी मात्रा में दवाइयां भी बरामद हुईं, जिनमें कुछ की एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार किये गये आठ आरोपियों में छह महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि कथित तौर पर ये सभी आरोपी आश्रम की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। पुलिस के अनुसार, महिला का आरोपी से संबंध 20 वर्षों से अधिक पुराना था, जबकि कथित शोषण का दौर 15 साल से ज्यादा समय तक चलता रहा। अब जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस जाल में और भी लोग फंसे हो सकते हैं। संभावित पीड़ितों की पहचान करने और उनसे संपर्क साधने की कोशिश जारी है।
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