RANCHI : झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सरकार द्वारा JSSC नियुक्ति नियमवाली में किए गए संशोधन को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने माना कि नियोजन नीति में परिवर्तन गलत और असंवैधानिक है। इसलिए इसे रद्द किया जाता है। बता दें कि नई नियमावली के अनुसार झारखंड से 10वीं और 12वीं पास अभ्यर्थी ही परीक्षा में बैठ सकते थे। इसके अलावा 14 स्थानीय भाषाओं में से हिंदी और अंग्रेजी को बाहर कर दिया गया था। उर्दू, बांग्ला और उड़िया सहित 12 अन्य स्थानीय भाषाओं को भी शामिल किया गया था।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरक्षित रखा था फैसला
प्रार्थी का कहना था कि नई नियमावली में राज्य के संस्थानों से ही दसवीं और प्लस टू की परीक्षा पास करने की अनिवार्य किया जाना संविधान की मूल भावना और समानता के अधिकार का उल्लंघन है। वैसे अभ्यर्थी जो राज्य के निवासी होते हुए भी राज्य के बाहर से पढ़ाई किए हों उन्हें नियुक्ति परीक्षा से नहीं रोका जा सकता है। अदालत ने प्रार्थी रमेश हांसदा की दलील को माना कि हेमंत सरकार के द्वार नियुक्ति नियमावली में किया गया संशोधन गलत और असंवैधानिक है। मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने इस मामले पर 16 दिसंबर को अहम फैसला सुनाया है. पूर्व में अदालत ने मामले की सुनवाई पूर्ण करने के उपरांत आदेश सुरक्षित रख लिया था।
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