Ranchi : कुदरत ने जैसे ही करवट ली, झारखंड की तपती धरती ने राहत की सांस ली। आज दोपहर राजधानी रांची की फिजा कुछ ऐसी बदली कि उजाले में अंधेरे का आलम हो गया। आसमान काले बादलों से घिरा और फिर शुरू हुआ झमाझम बारिश का वो सिलसिला, जिसने गर्मी की मार झेल रहे लोगों को ताजगी का तोहफा दिया, पर इसी बारिश ने उजागर कर दी व्यवस्था की वो हकीकत, जो हर साल नमी के साथ बह निकलती है। रांची के कई निचले इलाकों में नाली का पानी सड़कों पर उफन पड़ा। कोकर साधु मैदान के पास एक बड़ा पेड़ बीच रोड पर गिर गया। दो लोग घायल हो गये और कोकर तपोवन कॉलोनी सहित कई इलाकों में बिजली ऐसे गायब हुई जैसे बादल के साथ उड़ गई हो। दिन के 2 बजे से कोकर में अंधेरा छाया हुआ है, और खबर लिखे जाने तक रौशनी की कोई किरण लौट नहीं पाई थी। देवघर के सिकटिया में सर्वाधिक 53.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र ने बताया कि यह बदलाव ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ की देन है, जो झारखंड के लगभग सभी जिलों में एक्टिव है। 20 मई को रांची, चतरा, गुमला, हजारीबाग जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ था और मौसम केंद्र ने 24 मई तक बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की भविष्यवाणी कर दी है।
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