Kohramlive : अहमदाबाद की तपती दोपहरी में तिरंगे की छांव में खड़े भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” उनके चेहरे पर वही तेज था, जो सिर्फ एक राष्ट्रभक्त के चेहरे पर होता है जब वह देश की आन, बान और शान की बात करता है। एक संदेश था पाकिस्तान को, आतंक के सरपरस्तों को और उस हर शत्रु को, जो भारत की ओर आंख उठाता है। अमित शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत की सेनाओं के पराक्रम पर गर्व दिखाते हुये कहा कि “पाकिस्तान को करारा जवाब मिला। उसके एयरबेस तबाह कर दिये गये। अब अगर आतंक नहीं रुका, तो सिंधु नदी से एक बूंद पानी नहीं मिलेगा।” इसी जुनून से अमित शाह जब नल सरोवर चौकड़ी से एकलिंगजी रोड तक पैदल चले, तो उनके हाथों में था राष्ट्रध्वज और दिल में महाराणा प्रताप जैसी वीरता। “भारत माता की जय! वंदे मातरम्।” नारों से आसमान गूंज उठा। इस राष्ट्रीय जोश के बीच अमित शाह ‘सहकारी महासम्मेलन’ में पहुंचे। उन्होंने कहा कि “हम पैक्स को आर्थिक रूप से सक्षम बनायेंगे। सहकारिता को गांव-गांव की रीढ़ बनायेंगे। वहीं जल्द ही नई नीतियाँ भी लाई जायेगी।”
पाकिस्तान से बातचीत केवल PoK और आतंकवाद पर होगी।
પાકિસ્તાન સાથે વાતચીત ફક્ત PoK અને આતંકવાદ પર જ થશે. pic.twitter.com/h4mpMbPlIm
— Amit Shah (@AmitShah) May 18, 2025









