Garhwa(Nityanand Dubey) : भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने इल्जाम लगाया कि राज्य में वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन गुजरे तीन महीनों से बंद है, जिससे गरीब जनता त्राहिमाम कर रही है। जरुरतमंद लोग दवा, भोजन और वस्त्र जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। रितेश चौबे ने कहा, गढ़वा सहित पूरे झारखंड में पेंशन पर आश्रित लोग दर-दर भटक रहे हैं। आफिसों के चक्कर लगाते-लगाते लोग थक चुके हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। जिनके जीवन का सहारा यही पेंशन थी, उनका जीवन अंधकारमय हो चुका है। सत्ता में बैठी झामुमो सरकार जनता के दर्द से बेपरवाह हो गई है। उन्होने झामुमो सरकार को जनविरोधी करार देते हुये कहा कि मंईया सम्मान योजना के नाम पर महिलाओं को भी धोखा दिया गया है। चुनाव से पहले सभी महिलाओं को पैसे देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आते ही सारे वादे हवा हो गये। वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन के नाम पर मात्र 1000 रुपये दिये जा रहे थे, वह भी महीनों से बंद पड़ा है। मंईयां सम्मान योजना में 2500 रुपये बांटे गये, लेकिन पेंशन की दरों में कोई सुधार नहीं किया गया। रितेश चौबे ने जोर देकर मांग की कि वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन को कम से कम ₹5000 प्रति माह किया जाये और लंबित राशि को अविलंब जारी किया जाये। उन्होंने कहा कि जनता अब झूठे वादों और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी।
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