Kohramlive : वह रिश्ते में भाई था, रोज उसका घर आना-जाना लगा रहता। अहमद हसन भी रोक-टोक नहीं करता, उसे केवल इतना भान था कि दानिश को देखते ही उसकी पत्नी रूबीना के चेहरे पर खुशियां छा जाती थी। वह इस खबर से अनजान था कि आस्तीन में ही सांप पलते हैं। वहीं रूबीना और दानिश में मेलजोल बढ़ता चला गया। दोनों में देह का रिश्ता भी कायम हो गया। अचानक दानिश इसी साल सऊदी चला गया। वहां से रूबीना से व्हाट्सएप पर चेटिंग होती रही। वीडियो कॉल भी आते रहे। दानिश हर लम्हे को अपने वीडियो कॉल में कैद करता रहा। रूबीना और दानिश एक दूसरे के इतने करीब हो गये कि दोनों ने मिलकर भयानक मन बना लिया। दानिश सऊदी अरब से लौटा तो उनकी राह में कांटा बने अहमद हसन को रास्ते से हटाने की प्लानिंग बना ली। बीते 4 अगस्त को सऊदी से लौटा दानिश रूबीना के घर आया। उसने रूबीना को नींद की गोलियां दी। रूबीना ने रात में खाने में गोलियां मिलाकर अहमद को खिला दीं। नींद आने पर अहमद के हाथ चारपाई से बांध दिये। इसके बाद व्हाट्सएप से कॉल कर दानिश को बुलाया और दोनों ने तकिये से मुंह दबाकर अहमद की जान ले ली। वहीं अगले रोज सुबह घर आई पुलिस को रुबीना ने झूठी कहानी सुनाई। पुलिस को बताया अहमद ने रात में कुछ दवा खायी थी, उसके बाद सोया तो फिर नहीं जागा। उसे खूब झकझोरा, पर वह हिला-डूला तक नहीं। तब मौके पर मौजूद थानेदार ने रूबीना और दानिश के चेहरे और लहजे को पढ़ लिया। अहमद की डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। खुलासा हुआ कि दम घुटने से अहमद की मौत हुई। पुलिस ने रूबीना और दानिश को उठा लिया। पूछताछ में दोनों टूट गये। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अहमद की हत्या के पीछे छुपे राज उगल दिये। मर्डर करने में इस्तेमाल तकिया, एक मोबाइल, 2070 रुपये के साथ पर्स, सऊदी अरब का पहचान पत्र कार्ड, एक दुपट्टा, एक प्लास्टिक की पुड़िया, घटना की प्लानिंग की चैटिंग का स्क्रीनशॉट बरामद हुआ है। यह सनसनीखेज वारदात उत्तराखंड के बाजपुर में केशावाला से सामने आई है।
कोतवाली SSP मंजूनाथ टीसी ने हत्याकांड का खुलासा करते हुये मीडिया को बताया कि साल 2021 में सितम्बर में अहमद हसन बहरीन गया था। वहां लौटने पर ससुराल के पास ही मकान बनाकर रहने लगा। उसने गांव में ही दवा की एक दुकान खोल ली। इस बीच रूबीना की जिंदगी में रिश्ते के भाई दानिश की एंट्री हो गई। दोनों में मेलजोल हो गया।दोनों के बीच देह का रिश्ता भी कायम हो गया। दानिश सऊदी अरब से लौटा तो उसने और रूबीना ने अहमद हसन को रास्ते से हटाने की प्लानिंग बना उसकी जान ले ली।
पहले उसे नींद की गोलियां खिलाईं फिर तकिये ये मुंह दबाकर मौत के घाट उतार दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच्चाई सामने आ गई। मारे गये अहमद का चचेरा भाई आसिम जब पुलिस को सबकुछ बताने जाने लगा तो रूबीना और उसके नाते-रिश्तेदारों ने उसे रोका, नहीं माना तो उसे भी डराया-हड़काया। आसिम के बयान पर केस दर्ज कर रूबीना और उसके आशिक दानिश को अरेस्ट कर लिया गया। दोनों बीते सोमवार को सऊदी अरब की फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने की फिराक में थे। इससे पहले पुलिस ने उसे घर के बाहर दबोच लिया। दानिश के पास दो साल का वीजा भी है। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप पर हुई चैटिंग की जांच कराई जाएगी। इस हत्याकांड का खुलासा करने वाले पुलिस टीम को 1500 रुपये बतौर इनाम दिया गया। टीम में थानेदार प्रवीण कोश्यारी, SSI जीएस मेहता, SI प्रकाश चंद, कैलाश नगरकोटी, हिमांशु मठपाल,देवेंद्र मनराल, विजय सिंह, हरीश नेगी, अशोक कालाकोटी, कैलाश तोम्कयाल, अनुज त्यागी शामिल थे।
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