रांची : सरना धर्म कोड को लेकर मंगलवार को विशेष सत्र बुलाया गया। जिसमें सरना धर्म कोड के प्रस्ताव को झारखंड विधानसभा से पास करा लिया गया। आजसू ने भी इसका समर्थन किया। सरना धर्म कोड का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराने के बाद केंद्र को भेजा गया।
विधानसभा से सरना धर्म कोड प्रस्ताव पारित होने के बाद विभिन्न आदिवासी संगठनों में जश्न का माहौल है। संगठनों ने इसके लिए सरकार और सभी मंत्रियों व विधायकों को धन्यवाद दिया। विधानसभा से धर्म कोड का प्रस्ताव पास होते ही राजधानी सहित समस्त झारखंड के आदिवासियों में खुशी की लहर है।
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धर्म गुरू बंधन तिग्गा की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. करमा उरांव, विधायक बंधु तिर्की, डॉ. इरफान अंसारी, विद्या सागर केरकेट्टा, नारायण उरांव, रवि तिग्गा, शिवा कच्छप, वीरेन्द्र भगत, बलकू उरांव, निर्मल पाहन, रमेश उरांव, कमले उरांव, शीला उरांव, सुशील उरांव, सुशीला उरांव, आमया संगठन के एस अली आदि शामिल हुए। सभी ने समस्त आदिवासी समाज का धन्यवाद और अभिनंदन किया। मौके पर बंधन तिग्गा ने कहा कि यह अवसर आदिवासी समाज विशेष कर सरना समाज के लिए पुनर्जन्म जैसा है। अब आदिवासी समाज का धार्मिक समाजिक एवं संस्कृति पहचान एवं विशेषता दुनिया के सामने प्रकट होगा एवं भारतीय संस्कृति को मजबूत करेगा।
मौके पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम, बंधु तिर्की एवं इरफान की भूमिका की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई और उनके योगदान विधायिकी प्रक्रिया में जो सकारत्मकता रही उसके धन्यवाद दिया। सभा के बाद खुशी में ढोल नगाड़े के साथ सैंकड़ों लोगों ने नाच-गान कर अपनी खुशी जाहिर की।
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धर्म गुरु बंधन तिग्गा ने कहा कि सम्पूर्ण आदिवासी समाज का धार्मिक आयाम अब नया रूप लेगा, राज्य ही नहीं देश तथा विदेशों में आदिवासियों की अलग पहचान होगी। शिक्षाविद् डॉ करमा उरांव ने कहा कि सरना आदिवासी धर्म कोड परित होना सम्पूर्ण आदिवासी समाज के लिए मील का पत्थर साबित होगा और सरना धर्म, संस्कृति के आधारभूत संरचना में आधारशिला का काम करेगा।














