Ranchi(Kuldeep Tiwari) : रांची से सटे ओरमांझी के तापे गांव में बीते शनिवार की शाम आसमान से गिरे ओलों से किसानों के अरमान, सपने और महीनों की मेहनत उजड़ गई। कुछ देर की तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों को ऐसा रौंदा कि हरे-भरे तरबूज, खरबूज, टमाटर और मिर्च की फसल देखते ही देखते मिट्टी में मिल गई। जिन खेतों में कुछ घंटे पहले तक कमाई की उम्मीद लहलहा रही थी, वहां अब तबाही का सन्नाटा पसरा है। तापे गांव के किसान जगेश्वर महतो ने सात एकड़ में तरबूज लगाया था। उपेंद्र यादव ने बैंगन और खीरा की खेती की थी। रामनाथन बेदिया ने करेला, कद्दू, टमाटर और खीरा बोया था। वहीं सुरेंद्र यादव, प्रमेश्वर यादव, पंकज यादव और बालेश्वर मुंडा ने करीब दस एकड़ में तरबूज और मिर्च की खेती कर रखी थी। लेकिन शनिवार को मौसम ने ऐसी करवट ली कि सबकुछ तबाह हो गया। किसानों का कहना है कि इस बार उन्होंने साहूकारों और बैंकों से कर्ज लेकर खेती की थी। बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी में लाखों रुपये खर्च हुये थे। उम्मीद थी कि इस सीजन में अच्छी कमाई होगी और घर की हालत सुधरेगी। लेकिन ओलावृष्टि ने सारी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। दुखी किसानों ने कहा कि “अब घर कैसे चलेगा, कर्ज कैसे चुकायेंगे, अगली खेती के लिये पैसा कहां से आयेगा?” सुनें क्या बोले दुखी किसान….
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