Kohramlive : अगर आपसे भी किसी स्टोर पर बिलिंग के दौरान मोबाइल नंबर मांगा जाता है तो यह खबर आप जरूर पढ़ें। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खुदरा विक्रेताओं को कुछ सर्विस देने के लिए ग्राहकों की पर्सनल डिटेल या मोबाइल नंबर लेने पर जोर नहीं देने का आदेश दिया है। ग्राहकों की शिकायतें मिलने के बाद यह एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों ने कई खुदरा विक्रेताओं के बारे में शिकायत की है कि अगर वे अपना मोबाइल नंबर शेयर करने इंकार करते हैं तो उन्हें सर्विस नहीं दी जातीं।
उपभोक्ता मामलों के सचिव ने कहा कि
‘विक्रेताओं का कहना है कि जब तक पर्सनल नंबर नहीं दिया जाता तब तक वे बिल नहीं बना पाते। यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अनुचित और प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथा है। जानकारी एकत्र करने के पीछे कोई तर्क नहीं है। ’ उन्होंने कहा कि गोपनीयता की चिंता है। इसलिए, ग्राहकों के हित में इस मुद्दे को सुलझाने के लिए खुदरा उद्योग और उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) एवं फिक्की (FICCI) को एक परामर्श जारी किया गया है।
मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय को स्मार्ट फोन, लैपटॉप और टैबलेट के लिए यूनिवर्सल चार्जिंग पोर्ट – यूएसबी टाइप-सी – पेश करने पर अपने विचार भेजे हैं, जिसमें सुझाव दिया गया है कि इन चार्जर का रोलआउट जून 2025 से किया जा सकता है। दरअसल मंत्रालय ई-कचरे को कम करने के लिए केवल दो प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक चार्जिंग उपकरणों के लिए सामान्य चार्जर के इस्तेमाल पर जोर दे रहा है।
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