Kohramlive Desk : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत में मुद्रास्फीति ने मुद्रास्फीति लक्ष्य को इतनी बुरी तरह से पार नहीं किया है। देश इस समय भू-राजनीतिक संघर्ष और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच कीमतों में बढ़ोतरी से जूझ रहा है। वित्त मंत्री ने वाशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कही।
9 % है भारत की मुद्रास्फीति
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि बढ़ती महंगाई का सभी अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ेगा। भारत की मुद्रास्फीति 6.9% है। हमारा टॉलरेंस बैंड केवल 4%, प्लस या माइनस 2% है, तो हम 6% तक जा सकते हैं। हमने 6% को पार किया है यानी मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य से बहुत ज्यादा नहीं भटका है।
क्या कहता है NSO का आंकड़ा
वित्त मंत्री ने बताया, ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च में हेडलाइन सीपीआई बढ़कर 17 महीने के उच्च स्तर 6.95% पर पहुंच गया, जो फरवरी में 6.07% था। खुदरा मुद्रास्फीति अब लगातार तीन महीनों के लिए मौद्रिक नीति समिति (MPC) के मुद्रास्फीति लक्ष्य से अधिक हो गई है। वित्त वर्ष 2012 में खुदरा मुद्रास्फीति का औसत वार्षिक रूप से 5.5% था और यह लगातार दूसरे वर्ष एमपीसी के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ज्यादा रहा है।
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