KohramLive : हाईवे पर वायुसेना के लड़ाकू (Fighter Plane) और परिवहन जहाजों को उतारने का आज ट्रायल कामयाब रहा। तेजस और सुखोई जैसे LCA लड़ाकू विमानों ने ट्रायल में हिस्सा लिया। लड़ाकू विमान हाईवे को छुआ और फिर उड़ गये। ट्रायल अभ्यास के दौरान 45 मिनट के अंतराल में चार विमान हाईवे को छूकर गुजरे। यह हवाई पट्टी आंध्र प्रदेश के बापटला में हाईवे-16 पर पिचिकालगुडिपाडु में बनाया गया है। लगभग 86 करोड़ रुपये की लागत से इस हवाई पट्टी का निर्माण जर्मन तकनीक का इस्तेमाल करके किया गया है। यह दक्षिण भारत में पहला इमरजेंसी लैंडिंग रनवे है। इससे पहले उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग रनवे बनाया जा चुका है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 19 हवाई पट्टियों को विकसित करने का फैसला लिया था। रोचक इस पल को देखने के लिये भीड़ जुट गई थी। वहीं सुरक्षा को लेकर बड़ी तादाद में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। अलग-अलग प्वाइंट से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया था। वायुसेना के एक अधिकारी ने मीडिया से कहा कि एक परिवहन विमान AN-32, दो सुखोई लड़ाकू विमान और कई तेजस हल्के लड़ाकू विमानों (Fighter Plane) ने परीक्षण में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कहा कि आपात स्थिति में लड़ाकू विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एनएच-16 पर 4.1 किलोमीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी आपात लैंडिंग सुविधा बनाई गई है। यह सुविधा युद्ध और अन्य आपात स्थितियों के समय उपयोगी होगी, क्योंकि हाईवे पर रनवे की तरह पट्टी को आधे घंटे में तैयार किया जा सकता है।
IAF fighter and transport aircraft carried out practice flying including circuit, approach and overshoot on newly constructed Emergency Landing Facility on NH-16 at Bapatla District in Andhra Pradesh on 29 Dec 22. pic.twitter.com/UQEcRqXASD
— SAC_IAF (@IafSac) December 29, 2022
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