Ranchi : चार मासूम बच्चे को अपना निवाला बना लेने वाले आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिये हैदराबाद से मशहूर शिकारी नवाब शफत अली खाना को झारखंड में बुलाया गया है। आशंका है कि गढ़वा में तीन और लातेहार में एक बच्चे को उठा ले जा उसे खा जाने वाला एक ही तेंदुआ है। झारखंड के तीन जिले गढ़वा, पलामू एवं लातेहार में आदमखोर तेंदुआ का आतंक है। खौफजदा लोगों के आंखों से नींद उड़ गई है। डर-भय का आलम यह है कि शाम ढलते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं। वहीं अपने बच्चों पर कड़ा पहरा रखे हैं। बच्चों को घर के आंगन तक में अकेले नहीं छोड़ा जाता। एक बच्चा को आंगन से ही तेंदुआ उठा ले गया था। रामकंडा, भंडरिया और रंका के करीब 49 गांव के लोग खौफ में हैं। वहीं वन विभाग की टीम भी अलर्ट मोड में है। 50 से ज्यादा ट्रैप कमरे लगाये गये हैं। वहीं एक ड्रोन भी उड़ाया गया है। वहीं छोटे-बड़े अधिकारियों को भी लगाया गया है। यहां याद दिला दें कि पलामू संभाग में 10 दिसंबर से चार बच्चों को मारने वाला आदमखोर तेंदुआ अब भी ट्रैसलेस है।
ट्रैंकुलाइजेशन के जरिए तेंदुए को पकड़ना, पहली प्राथमिकताः वन विभाग
राज्य के प्रमुख वन्यजीव वार्डन शशिकर सामंत ने मीडिया से कहा कि पशु को आदमखोर घोषित करने के लिए कुछ आधिकारिक औपचारिकताएं हैं। ट्रैंकुलाइजेशन के जरिए तेंदुए को पकड़ना है, उनकी पहली पहली प्राथमिकता है। यह काम विशेषज्ञों द्वारा ही संभव है। इसलिए, हमने नवाब शफत अली खान से सलाह ली है। हमारे प्रयास में मदद करने के लिए। वह न केवल एक विशेषज्ञ है बल्कि एक जानवर की पहचान करने और उसे काबू में करने के लिए नवीनतम उपकरणों से भी लैस है।
गौरतलब है कि बीते 10 दिसंबर को, लातेहार के बरवाडीह ब्लॉक के चिपदोहर इलाके में तेंदुए ने 12 साल की एक बच्ची को मार डाला था। इसके बाद बीते 14 दिसम्बर को गढ़वा के भंडरिया के रोड़ो गांव में 6 साल के बच्चे को मार खा गया था। इसी तरह बीते 19 दिसम्बर को रंका प्रखंड के सेवडीह गांव में 6 साल के तेंदुए ने मार डाला था।
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