अब डेटा हैकिंग की चिंता नहीं
कोहराम लाइव डेस्क: आजकल की टेक्नॉलजी भरी दुनिया में सब कुछ बहुत फास्ट हो गया है। टेक्नोलॉजी के हमारी जीवन में आ जाने से हमारे जीवन के कई काम आसान हो जाते हैं। पर क्या होगा जब इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किसी का डेटा हैक करने के लिए किया जाए? जी हाँ, रोजाना न जाने कितने लोगों का डेटा हैक होता है। हैकर्स हमेशा डेटा हैक करने की फिराक में लगे रहते हैं और लोगों का डेटा हैक कर उन्हें परेशान और ब्लैकमेल करते हैं। ऐसे में डेटा हैक होने से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा। इसी को देखते हुए सोशल मीडिया कंपनी Facebook अब डेटा सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए अगले साल से दुनियाभर के यूजर को ‘Physical Security Keys’ उपलब्ध कराएगी।
Facebook का कहना है कि हैकिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए उसका यह कदम बेहद कारगर साबित होगा और इससे यूजर के डेटा को बेहतर ढंग से प्रोटेक्ट किया जा सकेगा। फेसबुक की सुरक्षा नीति के प्रमुख नथानिएल ग्लीइकर ने बताया कि यूजर्स को ये ‘फिजिकल की’ या टोकन खरीदना होगा।
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इस्तेमाल से पहले Register करना होगा
Facebook की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यूजर विभिन्न रिटेलर्स से या ऑनलाइन ये ‘Physical Security Keys’ खरीद सकेंगे। उन्हें फेसबुक के साथ ‘की’ को रजिस्टर करना होगा, उसके बाद ही ‘की’ को इस्तेमाल किया जा सकेगा। फेसबुक ने कहा है कि हैकर्स अहम लोगों के सोशल मीडिया हैंडल से जुड़ी जानकारियों को निशाना बनाते हैं। भले ही आप कोई सेलिब्रेटी न हों, आपका डेटा हमेशा जोखिम में बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘फिजिकल सेफ्टी की’ उपलब्ध कराई जाएगी।
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Hackers के लिए आसान नहीं होगी घुसपैठ
हैकर्स के खतरों से बचने के लिए फेसबुक अब तक टू-स्टेप वेरिफिकेशन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग का इस्तेमाल करती रही है, लेकिन अगले साल से वो ‘फिजिकल सेफ्टी की’ भी इस्तेमाल करेगी। कंपनी का मानना है कि यूजर सिक्योरिटी ‘की’ का इस्तेमाल करेगा, तो हैकर उसके अकाउंट में घुसपैठ नहीं कर पाएगा, भले ही वह पासवर्ड क्रैक कर ले। अब तक फेसबुक ऐसी सुरक्षा अमेरिकी नेताओं, सरकारी एजेंसियों जैसे हाई-प्रोफाइल अकाउंट के लिए उपलब्ध करवाती रही है। अब अगले साल से दुनियाभर के आम यूजर भी लॉगइन से पहले पहचान सत्यापन के लिए ‘फिजिकल सेफ्टी की’ इस्तेमाल कर सकेंगे।
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कीमत का खुलासा नहीं
कंपनी का कहना है कि ‘फिजिकल सेफ्टी की’ पेन ड्राइव की तरह होगी, जिसे USB पोर्ट में लगाना होगा। बता दें कि गूगल ने सबसे पहले ‘यूएसबी सिक्योरिटी की’ 2014 में लॉन्च की थी। अब फेसबुक भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है। हालांकि, कंपनी ने अभी ‘फिजिकल सेफ्टी की’ की कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही फेसबुक इस संबंध में घोषणा करेगी।










