चाईबासा : नक्सलियों के गढ़ में पहुंचे डीजीपी नीरज सिन्हा। नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान की समीक्षा की। डीजीपी ने पुलिस और सीआरपीएफ के पदाधिकारियों को नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पूरी सतर्कता के साथ अभियान चलाने और नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि उग्रवादी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटें नहीं तो मारे जाएंगे।
डीजीपी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे जवानों की समस्याओं को जानने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवानों की समस्या दूर होगी तो बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे। संचार सुविधा को भी दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
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डीजीपी नीरज सिन्हा हेलीकॉप्टर से टाटा कॉलेज मैदान पहुंचे और वहां से समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार पहुंचे। यहां डीसी अनन्य मित्तल और एसपी अजय लिंडा सहित पुलिस एवं सीआरपीएफ के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। डीजीपी के साथ एडीजी स्पेशल ब्रांच मुरारी लाल मीणा, आईजी ऑपरेशन अमोल वीनूकांत होमकर भी आए हुए थे। बैठक में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल, कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी राजीव रंजन सिंह, पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा, सीआरपीएफ के डीआईजी हनुमत सिंह रावत, सीआरपीएफ के कमांडेंट डॉ प्रेमचंद सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
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