Kohramlive : पाकिस्तान से लगी सीमा के पार से ड्रोन की घुसपैठ की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है। इस साल 2022 में ड्रोन के जरिये नशीला पदार्थ, हथियार और गोला-बारूद भेजे जाने के मामलों में दोगुना इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा 215 मामले पंजाब में सामने आये हैं। BSF (सीमा सुरक्षा बल) के DG पंकज कुमार सिंह ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार DG ने ये बातें बीते शनिवार को एक वेबिनार सत्र के माध्यम से फॉरेंसिक लैब के उद्घाटन समारोह में कही। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने की। गृह सचिव को यह जानकारी दी गई। DG ने कहा कि BSF ने दिल्ली में एक शिविर में ड्रोन का अध्ययन करने के लिए हाल ही में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की है।
DG पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से ड्रोन उड़ाने के रास्तों और इसमें शामिल लोगों के ठिकानों पर भी नजर रख सकती हैं। BSF लंबे समय से ड्रोन के खतरे को झेल रही है। नापाक इरादे वाले लोग नये-नये तौर-तरीके से ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। अलग-अलग तरह के ड्रोन के इस्तेमाल ने चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि इनके बारे में कम जानकारी उपलब्ध है। वहीं तेजी से उड़ान भर सीमा को पार कर जाते हैं।
ड्रोन के खतरे के बारे में बताते हुए DG ने खुलासा किया कि BSF ने 2020 में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन उड़ाए जाने की 79 घटनाओं के बारे में पता लगाया था। बीते साल इनकी तादाद 109 रही। इस साल यह दोगुनी रफ्तार से बढ़कर 266 हो गई। ड्रोन के उड़ान भरने के सबसे ज्यादा मामले 215 पंजाब से सामने आये हैं। जम्मू में करीब 22 मामले सामने आये।
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