Chaibasa(Rajiv Singh) : चक्रधरपुर भारत भवन के पास आज सरेराह शाम पौने 7 बजे गिरिराज सेना प्रमुख कमलदेव गिरी की बम मा*रकर ह*त्या कर दी गई। शक्तिशाली बम उनके सिर पर मारा गया। सिर के पिछले हिस्से का चिथड़ा उड़ गया। मौके पर ही उनके प्राण निकल गये। दबंग कमल देव गिरी की हत्या कर दिये जाने की सनसनीखेज खबर के बाद चक्रधरपुर का पूरा माहौल गरम हो गया। लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। गोलबंद हुये लोगों ने चाईबासा-रांची रोड को जाम कर दिया। वहीं अपने गुस्से का खूब इजहार भी किया। माहौल तब और बिगड़ गया, जब किसी ने भीड़ में पत्थरबाजी कर दी। कुछ लोगों ने कहा कि इस शहर में पत्थर किसने फेंके, लगता है लोगों की भीड़ में अपना कोई जरूर है। कमल देव काफी लोकप्रिय थे। वो सामाजिक और धार्मिक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उन्हें चाहने वाले अनेक हैं। कहते हैं इसी माह वो भाजपा में शामिल होने वाले थे। उनके कई पुराने किस्सों को भी याद कर लोग खूब रोये।
वहीं बिगड़ते माहौल को देखते हुये मौके पर CRPF और जिला पुलिस के जवानों को बुला लिया गया। चक्रधरपुर के SDPO कपिल चौधरी और थानेदार लक्ष्मण सिंह सहित कई थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था। कमल देव गिरी की डेड बॉडी के साथ रोड जाम कर रहे लोगों को खूब समझाया-बुझाया गया, पर वो किसी की एक नहीं सुने। हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े थे। बाद में मौके पर आई कमल की मां के कहने पर उनकी डेड बॉडी को घर पहुंचाया गया। घटना को लेकर अबतक जो बातें सामने आई है, उसके अनुसार गिरिराज सेना प्रमुख कमल देव भारत भवन के पास से पैदल जा रहे थे, तभी उनपर बम से हमला कर दिया गया। बम लगते ही लहुलूहान कमल नीचे जमीन पर गिर पड़े। वहां तहलका मच गया। जुटे लोग उन्हें जल्दी-जल्दी चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल ले गये, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कमल की हत्या कर दिये जाने की फैली खबर के बाद हजारों की भीड़ सड़क पर उमड़ पड़ी। लोगों का गुस्सा उबाल पर था। वहीं पुलिस प्रशासन हत्यारों की खोज में हांफ रही थी। हत्यारों को अविलंब खोज निकालने के लिये SIT बनाई गई है। वहीं आसपास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है। कुछ लोगों का कहना था कि अगर हत्यारे तुरंत नहीं पकड़े गये तो लोगों का आक्रोश बढ़ेगा। इसका असर साफ दिखाई देगा। चक्रधरपुर रेल मंडल होने के कारण यहां छोटे-बड़े गुंडों का जुटान आम बात है। वहां के लोग आज भी बाहुबली सांसद विजय सिंह सोय की हत्या की वारदात को नहीं भूल पाये हैं। आज की वारदात ने चक्रधरपुर में हुये दिलीप मिर्चा और उनके भाई प्रदीप मिर्चा की हत्या की घटना की यादें ताजा कर दी है। सुतली बम, बोतल बम और पेट्रोल बम का यहां चलना, अब ज्यादा नहीं चौंकाता।
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