माइग्रेन को सिर्फ Headache की तरह ट्रीट ना करें, हो सकती है बड़ी बीमारी

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Kohramlive :  मानव शरीर में तंत्रिकाओं (Nerves) का जाल बिछा हुआ है। सभी तरह की संवेदनाएं (Sensations) इनके द्वारा मस्तिष्‍क तक पहुंचाई जाती है। यदि तंत्रिकाओं की संरचना और फंक्‍शनिंग में असंतुलन आता है, तो  बीमारी के लक्षण उभर आते हैं। ऐसी ही बीमरियों में माइग्रेन को भी शामिल किया जाता है। ऐसा समझा जाता है कि सिर के आधे हिस्‍से में दर्द और आंखों में जलन ही माइग्रेन है, पर विशेषज्ञ डॉक्‍टरों के अनुसार, यह इतना ही नहीं है।  इस बीमारी के लक्षण क्या हैं, कैसे कंट्रोल किया जाए, इन बातों के बारे में लोगों को अवेयर करने के लिए हर साल माइग्रेन अवेयरनेस वीक मनाया जाता है। अब यह महत्‍वपूर्ण है कि माइग्रेन अटैक को रोकने या कम करने की स्थिति को ठीक से समझा जाए। डॉक्टर की नजर से इस बीमारी के लक्षण और इसके प्रति सतर्क रहने की बात को समझते हैं।

माइग्रेन क्या है

विशेषज्ञों के अनुसार, माइग्रेन सिरदर्द का ही एक जटिल प्रकार है। आंखों में जलन, चक्कर आना, उल्टी होना, सिर के आधे हिस्से में तेज दर्द होना या नसों में बहुत ज्यादा दर्द जैसे इसके लक्षण होते हैं। ज्यादातर लोग इस बीमारी के होने पर पेन किलर ले लेते हैं, जिससे उनको आराम मिल जाता है, लेकिन यह इसका प्रोपर इलाज नहीं है।

 क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल बीमारी, अन्‍य बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा 

डॉक्टर्स का कहना है कि यह सिर्फ सिरदर्द नहीं बल्कि क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो दुनियाभर में एक अरब से ज्यादा लोगों को होता है। हालांकि इस बीमारी की वजह एकदम क्लीयर नहीं है, लेकिन कई ट्रिगर्स होते हैं, जिनसे माइग्रेन हो सकता है। माइग्रेन का फिजिकल और मेंटल दोनों हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। लंबे समय तक माइग्रेन रहने या बहुत जल्दी-जल्दी माइग्रेन होने से अनिद्रा, आंखों के नीचे डार्क सर्कल और कई बार डिप्रेशन भी हो सकता है। अगर किसी को सिवियर हेडक होता है तो वो न्यूरोलॉजिकल प्रोब्लम बन सकता है, जिसमें आंखों या सिर के किसी हिस्से में सूजन या कोई और परेशानी हो सकती है।

 बचने या कंट्रोल करने का उपाय

सबसे पहले जरूरी है कि ट्रिगर को पहचानें। हर किसी के सिरदर्द की एक वजह होती है, जिससे माइग्रेन शुरू होता है। पहले उस कारण को पहचानें और उसे होने से रोकें। माइग्रेन के ट्रिगर को पहचानने से इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

ऐसे में डॉक्‍टर को जरूर दिखाएं  

  • अगर आपको क्रोनिक माइग्रेन है यानी हर दिन सुबह या किसी भी वक्त एक टाइम सिरदर्द होता है।
  • अगर सिरदर्द की फ्रीक्वेंसी बहुत ज्यादा है और हर हफ्ते या 15 दिन में माइग्रेन होता है।
  • अगर सिरदर्द में तेज उल्टी, चक्कर आना या ब्लाइंडनेस फील होती है।
  • सिरदर्द की वजह से मेंटल या फिजिकल हेल्थ बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य जानकारियों पर आधारित है। इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से Advice जरूर लें।  KohramLive. com इसकी पुष्टि नहीं करता है। 

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