Kohramlive : कई बार ऐसा होता है कि न मौसम गर्म होता है, न कोई मेहनत की होती है, फिर भी अचानक शरीर पर ठंडा पसीना आने लगता है। मेडिकल भाषा में इसे कोल्ड स्वेट या डायफोरेसिस कहा जाता है। यह हमेशा सामान्य नहीं होता। कई बार यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया होती है, तो कई मामलों में किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। आइये जानते हैं, आखिर बिना वजह ठंडा पसीना क्यों आता है और किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिये।
तनाव और एंग्जायटीः जब शरीर अचानक तनाव, डर या घबराहट की स्थिति में पहुंचता है, तो वह ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में चला जाता है। इस दौरान ठंडा पसीना आना शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है।
हार्मोनल बदलावः महिलाओं में प्रीमेनोपॉज, मेनोपॉज, गर्भावस्था या थायरॉयड संबंधी समस्याओं के दौरान हार्मोन में बदलाव के कारण भी ठंडा पसीना आ सकता है।
लो ब्लड प्रेशर या लो ब्लड शुगरः अगर अचानक ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जाये या ब्लड शुगर गिर जाये, तो चक्कर आना, घबराहट और ठंडा पसीना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत जांच कराना जरूरी है।
संक्रमण या बीमारीः अगर शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा हो, तो भी ठंडा पसीना आ सकता है। सर्दी-जुकाम, फ्लू, निमोनिया और टीबी जैसी बीमारियों में बुखार के साथ पसीना आना आम बात है। वहीं टीबी और HIV जैसी स्थितियों में रात में ज्यादा पसीना आ सकता है।
सदमा या शॉकः किसी बड़े हादसे, गहरे मानसिक आघात या शारीरिक ट्रॉमा के बाद भी ठंडा पसीना आ सकता है। इसके साथ चेहरा पीला पड़ना और दिल की धड़कन तेज होना भी देखा जा सकता है।
हार्ट अटैक का संकेत भी हो सकता हैः अगर ठंडे पसीने के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, मतली, चक्कर या बेचैनी महसूस हो रही हो, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देर किये तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
डिहाइड्रेशनः शरीर में पानी की कमी होने पर भी कमजोरी, ठंड लगना और ठंडा पसीना आने जैसी समस्या हो सकती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर, बिना किसी स्पष्ट वजह के बार-बार ठंडा पसीना आ रहा हो। पसीने की वजह से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हों। इसके साथ अचानक वजन कम हो रहा हो, लगातार बुखार बना रहता हो या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे रहे हों या ठंडे पसीने के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना या बेहोशी जैसा महसूस हो रहा हो। तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें।
ठंडे पसीने से बचने के लिये क्या करें?
हालांकि हर कारण को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ आदतें जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं, शरीर को हमेशा पर्याप्त हाइड्रेट रखें। सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
तनाव बढ़ाने वाले कारणों को पहचानें और उन्हें कम करने की कोशिश करें। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखें तो खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लें। यहां गौर करने वाली बात यह है कि ठंडा पसीना अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि कई बार शरीर का एक चेतावनी संकेत हो सकता है। इसलिये अगर यह बार-बार हो रहा है या इसके साथ गंभीर लक्षण भी हैं, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच कराना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या लक्षण की स्थिति में योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।















